हाथों में हिना, मन में अरमान और चेहरे पर खुशी, मगर दंगे की आग ने सब कुछ खाक कर दिया। पिछले एक महीने से चल रहे निकाह के सारे इंतजाम दंगे की आग में झुलस गए।
खुशियों से सराबोर माहौल के बीच दंगे की चिंगारी ने ऐसी आग लगाई कि सब कुछ सन्नाटे में तब्दील हो गया। दुल्हन के लिबास में सजने को बेकरार आफसा के अरमान भी चूर हो गए परिवारीजनों की चिंता भी बढ़ गई।
शुक्रवार को कासगंज के बिलराम गेट पर उपद्रवियों के उत्पात ने नगला सईद निवासी शमसुद्दीन अल्वी के परिवार की हवाइयां उड़ा दीं। दरअसल, शमसुद्दीन की बेटी आफसां का निकाह 27 जनवरी को बिलराम गेट निवासी युवक के साथ होना था।