सुशील गुप्ता का कहना है कि उन्हें और उनकी बेटी को जान का खतरा है। उन्होंने शस्त्र लाइसेंस दिलाने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि परिवार की सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस जरूरी है।
आने वाले समय में उन्हें बेटे की हत्या के मुकदमें की पैरवी करनी होगी। ऐसी स्थिति में यह बेहद आवश्यक है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कासगंज पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि सुशील गुप्ता का कहना है कि उन्होंने दो लोगों को बाइक पर ऐसी बात करते सुना। उन्हें कोई धमकी नहीं दी गई।
एसपी ने बताया कि सुशील गुप्ता और उनके परिवार की सुरक्षा में पुलिस पहले से तैनात है। धमकी देने वाली खबरें भ्रामक हैं। यदि सुशील गुप्ता लिखित में शिकायत देते हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। यदि वे शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे तो उसकी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।