उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का कासगंज से पुराना नाता रहा है। वो 60 के दशक में पांच साल तक यहां एक शिक्षक के रूप में रहे। शहर के बड़े बुजुर्ग आज भी उनको 'गुरुजी' के नाम से जानते हैं।
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी सन 1965 से 70 तक कासगंज में सरस्वती शिशु मंदिर में प्रधानाचार्य के रूप में तैनात रहे। उस वक्त स्कूल का नाम बाल मंदिर हुआ करता था। लक्ष्मी गंज में एक किराये के मकान में स्कूल चलता था। स्कूल में ही एक कमरे में वो रहते थे।
भगत सिंह कोश्यारी का सरल स्वभाव उस दौर के लोगों को याद है। लोग उनको 'गुरुजी' कहकर पुकारते थे। उनके पढ़ाए गए छात्रों के जहन में 'गुरुजी' का सख्त रूप आज भी है। लोगों कहना है कि कोश्यारी अनुशासन प्रिय थे।