कासगंज। छोटे से नजर आने वाले मच्छर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी कई बीमारियां फैला सकते हैं और इलाज में देरी या लापरवाही के चलते व्यक्ति की जान भी जा सकती है। ऐसे में सतर्कता बेहद जरूरी है। इस साल अब तक जिले में 39 मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं। वहीं, मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
मच्छर दुनिया के सबसे खतरनाक कीटों में से एक हैं। मच्छरजनित रोगों से हर साल दुनिया में कई लाख लोगों की मौत हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 2017 में भारत में अनुमानित 23,990 मौतें मलेरिया के कारण हुईं। ऐसे में लोगों को मच्छरजनित बीमारियों के प्रति सचेत रहना चाहिए और मच्छरों से बचाव के तरीकों को अपनाना चाहिए।
जिले की बात करें तो बीते पांच सालों में लगातार मलेरिया और डेंगू के मरीज मिलते रहे हैं। इस साल एक अप्रैल से अब तक करीब 39 मलेरिया के केस मिल चुके हैं। हालांकि, इस साल डेंगू का कोई केस सामने नहीं आया है। साल 2023 में जिले में सबसे ज्यादा मलेरिया के 107 और डेंगू के 241 केस सामने आए थे। वहीं, बीते साल जिले में मलेरिया के 77 और डेंगू के 84 मामले मिले थे।
कैसे होता है मलेरिया
मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है जो परजीवी प्लास्मोडियम के कारण होती है। यह मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मादा मच्छर गंदे पानी में पनपते हैं। ऐसे में मलेरिया से बचाव के लिए अपने आसपास गंदा पानी जमा न होने दें।