फोटो26पटियाली के नगला जयकिशन में बाढ़ के पानी के बीच से होकर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए
पटियाली। बाढ़ प्रभावित इलाकों में दुश्वारियां मुंह फैलाएं खड़ीं हैं। शनिवार को नगला जयकिशन के ग्रामीण उस समय परेशान हो उठे जब गांव में बीमारी से मरे युवक की अर्थी को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे। चारों तरफ पानी था तो खेत में अंतिम संस्कार नहीं हो सकता था। ऐसी स्थिति में बाढ़ के पानी के बीच से परिजन व ग्रामीण युवक की अर्थी को कांधे की जगह हाथों से उठाकर ले जाने को मजबूर हुए।
शनिवार की सुबह बाढ़ प्रभावित गांव नगला जयकिशन में ओमवीर (25) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव के लोग युवक को बाहर ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन युवक ने दम तोड़ दिया। वह श्यामवीर के परिवार का इकलौता पुत्र था। लोग मौत के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे, लेकिन बाढ़ के कारण परेशानियां ही परेशानियां थीं। ग्रामीणों ने सूखे स्थान पर अर्थी ले जाकर अंतिम संस्कार करना तय किया। करीब 3 किलोमीटर तक ग्रामीण कांधे की जगह हाथों से अर्थी ले गए। उसके बाद सूखी जमीन पर ओमवीर का अंतिम संस्कार किया।
प्रभावित इलाकों के लोगों को रोज उठानी पड़ रहीं दिक्कतें
पटियाली। बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्रामीण आए दिन ऐसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। नगला जयकिशन के रविंद्र, प्रदीप कुमार, जयवीर सिंह, शीलू ने बताया कि कभी गर्भवती महिलाओं को दिक्कतें होती हैं तो कभी अन्य ग्रामीणों को। जब भी कोई बीमार होता है तो पटियाली से कासगंज ले जाने के लिए ग्रामीणों को दिक्कतें होती हैं। केवल नाव के सहारे ही गांव से बाहर निकल पाते हैं।