कासगंज में एक खेत में होती गेहूं की फसल
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कासगंज। बृहस्पतिवार सुबह बूंदाबांदी से गेहूं-जौ की फसलों को संजीवनी मिल गई। फसलों को बौछारी सिंचाई का लाभ मिल गया है। इस सिंचाई से फसलों की ग्रोथ तेजी के साथ होती है। किसानों के चेहरे पर बूंदाबांदी से खुशी छा गई है।
गेहूं और जौ की फसल में सिंचाई प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है। रबी की इन फसलों को सबसे अधिक लाभ बौछारी सिंचाई से होता है। वैसे तो जिले में कुछ ही किसानों के पास बौछारी सिंचाई के यंत्र हैं, लेकिन बारिश प्रत्येक खेत को बौछारी सिंचाई दे देती है। सुबह बादल छाए और फिर बूंदाबांदी के साथ रिमझिम बारिश हो गई।
इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। क्योंकि इन दिनों गेहूं जौ की फसलों को द्वितीय सिंचाई की जरूरत दिखाई दे रही थी। कुछ हद तक यह जरूरत अब पूरी हो गई है। किसानों को सिंचाई की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। विशेषज्ञ बताते हैं कि बौछारी सिंचाई होती है। उससे पत्तियों से जड़ तक पानी पहुंच जाता है।
वर्जन-
- हल्की बारिश हुई है। जिससे फसलों को सिंचाई का लाभ मिला है। यह बारिश फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है। किसान जरूरत के अनुसार यूरिया की टॉप ड्रेसिंग भी करें। - सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।