कासगंज में बवाल के दौरान भी एटा में सरकारी महोत्सव के आयोजन को लेकर भाजपा विधायक ने सफाई दी है। इस महोत्सव में भाजपा विधायकों और सांसद के शामिल होने पर विपक्षियों ने निशाना साधा था। सोशल मीडिया पर भी महोत्सव को लेकर राजनीति तेज हो गई है। पुलिस का पहरा भी बढ़ा दिया गया है।
कासगंज में अमांपुर से भाजपा विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह ने रविवार शाम को एटा महोत्सव में शामिल होने की बात पर कहा कि वे कार्यक्रम देखने नहीं गए थे। वे केवल कार्यक्रम के अंत में उपस्थिति दर्ज कराने गए थे।
बता दें कि कासगंज के समीप वाले एटा जिले में एटा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को इसमें बॉलीवुड गायक कैलाश खेर का कार्यक्रम था।
कैलाश खेर के कार्यक्रम में भाजपा विधायक
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महोत्सव में रविवार रात को फर्रुखाबाद से भाजपा के सांसद मुकेश राजपूत, एटा के विधायक वीरेंद्र लोधी, विधायक कासगंज देवेंद्र लोधी, विधायक अमांपुर देवेंद्र राजपूत, जिलाध्यक्ष भाजपा डा. दिनेश वशिष्ठ समेत तमाम बड़े-बड़े नेताओं ने कार्यक्रम में शिरकत की।
पूरे जिले में प्रशासन और नेताओं की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में रोष दिखा। तमाम युवाओं ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए इसे शर्मनाक बताया। अफसर तक यह भूल गए कि पड़ोसी जिला सुलग रहा है।
इधर एटा महोत्सव स्थल पर पीएसी-पुलिस की व्यवस्था के साथ ही मिश्रित आबादी में पुलिस लगातार गश्त कर रही है। एटा के सीओ सिटी वरुण कुमार सिंह ने बताया कि कासगंज में हुई हिंसा के बाद महोत्सव में पुलिस-पीएसी बल को अतिरिक्त संख्या में लगाया है। शहर में स्थित चौकी प्रभारियों को भी कड़े निर्देश दिए गए है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति सौहार्द बनाए रखें।