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कासगंज हादसा: कल थीं मुंडन संस्कार की खुशियां...आज मौत की चीखें, बेटा रहा और न पत्नी उजड़ गया गौरव का परिवार

Sun, 25 Feb 2024 10:19 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

कासगंज हादसे में गौरव का तो पूरा परिवार ही उजड़ गया। न पत्नी की जान बची और नाहीं बेटे की। जिस बेटे के मुंडन संस्कार की खुशियों से घर चहक रहा था, आज वहां मौत की चीखें थीं। इस हादसे में गौरव की मां और बुजुर्ग दादी की भी मौत हो गई।  
 
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कासगंज हादसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कासगंज हादसे में गौरव का पूरा परिवार ही उजड़ गया।  जिस बेटे के मुंडन संस्कार को लेकर घर में खुशियों का माहौल था। वही संस्कार इस घर के उजड़ने की वजह बन गया। शनिवार को मुंडन संस्कार के लिए जाते समय गौरव के मासूम बेटे सिद्ध सहित उसकी पत्नी, मां और दादी की जान चली गई। 
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ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को गौरव ने आठ माह के बेटे सिद्धू के मुंडन संस्कार की बात की थी। इसके लिए शनिवार का दिन तय हुआ। गांव व परिवार के लोग मुंडन संस्कार और माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान को लेकर उत्साहित थे। शनिवार की सुबह जल्दी उठकर खाना बनाया और रख लिया। गांव से ट्रैक्टर-ट्राली में सभी लोग बैठ गए और गंगा घाट को निकल लिए। सिद्धू के पिता गौरव, मां सपना, दादी पुष्पा देवी और परदादी शकुंतला देवी ट्रैक्टर में बैठी थीं। सूचना मिली हादसा हो गया है। ऐसे में गांव के बचे लोग घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े। हादसे में सिद्धू सहित उसकी मां, दादी व परदादी की मौत हो गई।

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तीन साल पहले हुई थी शादी, इकलौती संतान थी सिद्धू
गौरव की शादी सपना से तीन साल पहले हुई थी। दो साल से अधिक समय बाद पुत्र पैदा हुआ। दोनों की यह इकलौती संतान था। जिसके चलते वह घर में सभी का लाडला था। यही वजह थी कि उसके मुंडन संस्कार में धूमधाम भी काफी थी। लेकिन किसी को आभास नहीं था कि यह धूमधाम मातम में बदल जाएगी।

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किनारे बैठने से बच गई कई लोगों की जान
गंगा स्नान के लिए जा रही ट्रैक्टर -ट्राॅली में सवार 54 लोगों में से एक दर्जन से अधिक लोग ऐसे थे जो ट्रैक्टर के चालक के आसपास बैठे हुए थे या फिर ट्रॉली की हुुक पर बैठे हुए थे। इन लोगों ने जैसे ही ट्रैक्टर को अनियंत्रित होते देखा वे तुरंत कूद गए, जिससे उनकी जान बच गई। चालक सतेंद्र ने बताया कि उनके पास अवनेश, हरनाथ, महेंद्र व दर्शन बैठे हुए थे। इसके अलावा कुछ लोग हुक पर बैठे हुए थे। कई लोग ट्रॉली किनारे पर थे। ऐसे लगभग एक दर्जन लोग थे जो ट्रैक्टर-ट्राली से या तो पानी में गिर गए या फिर कूद गए, जिससे उनकी जान बच गई।
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