कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को 126 साल बाद भरणी और रोहणी नक्षत्र का विशेष योग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि और वर्धमान योग भी रहेगा। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि विशेष योग में स्नान, ध्यान, पूजा, यज्ञ अनुष्ठान का कई गुना पुण्य मिलेगा। कोरोना महामारी के मद्देनजर उन्होंने ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ की तर्ज पर घर में ही पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करने का आह्वान किया है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि रविवार को दोपहर 12.47 बजे से सोमवार दोपहर 2.59 बजे तक कार्तिक पूर्णिमा की तिथि रहेगी। इस दौरान स्नान के बाद भगवान विष्णु के साथ गौरी शंकर का पूजन करें। तुलसी के समक्ष दीपदान करने से लक्ष्मी प्रसन्न होंगी। वहीं बटेश्वर मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि कोरोना के कारण ब्रह्मलाल जी महाराज और गौरीशंकर मंदिर के पट बंद हैं। श्रद्धालु सोशल मीडिया पर भोलेनाथ के दर्शन कर घर पर ही पूजन करें।
नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण
ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि सोमवार को चंद्र ग्रहण सर्वार्थ सिद्धि योग और वर्धमान योग में लगेगा। यह उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा। सूतक भी नहीं लगेगा। समस्त धार्मिक मांगलिक कृत्य होंगे। चंद्र ग्रहण सोमवार की दोपहर 1.04 बजे से शुरू होकर शाम 5.22 बजे समाप्त होगा।