कंपनी ने बताया था- नकली हैं इंजेक्शन
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि डेकाडुराबोलिन 50 एमजी इंजेक्शन के रैपर पर जायडस कैडिला कंपनी का नाम दर्ज था। इसका नमूना लेकर कंपनी को भेजा गया, जिसमें कंपनी की ओर से ये इंजेक्शन अपने यहां निर्मित न बताकर नकली बताए थे। इस पर बीते साल 10 जून को औषधि विभाग ने राजू ड्रग हाउस के मैनेजर रंजीत शर्मा और हॉकर राहुल के खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से जांच चल रही है।
कोरोना महामारी में की थी स्टेरॉयड की कालाबाजारी
सहायक आयुक्त औषधि बेलगाम के रघुराम ने बताया कि शिकायत पर बेलगाम के रिद्धि फार्मा के यहां बीते साल छापा मारा था। इसके संचालक ने बताया कि स्टेरॉयड की कोरोना महामारी में बेहद मांग थी, ऐसे में हैदराबाद से बिना बिल के इंजेक्शन खरीदे थे, जिसको अपनी फर्म के नाम से बिल बनाकर आगरा के राजू ड्रग हाउस को 203 रुपये प्रति इंजेक्शन से बिक्री की थी। इंजेक्शन की एमआरपी 338.40 रुपये है। मुनाफा देख कालाबाजारी की।