बेवर। रामलीला मैदान के सामने चल रही भागवत कथा में रविवार को कथावाचक सुरेशचंद्र द्विवेदी ने प्रवचन दिए। कथावाचक ने कहा कि जीवन में कर्म की प्रधानता है। कर्म अच्छे हैं तो मनुष्य की राह में कभी कोई परेशानी नहीं होगी। अगर अहंकार, कपट, द्वेष का समावेश है तो कभी भी सफलता नहीं मिलेगी।
कथावाचक ने कहा कि किसी न किसी रूप में अवगुण संसार में नीचा दिखाने का कार्य अवश्य करेंगे। जीवन मरण ईश्वर के हाथ में है। प्रभु संकीर्तन से हमें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
आचार्य रजनीकांत सहित कथावाचक और वेदी का परीक्षित दुर्गा नारायण सिंह व उनकी पत्नी मुन्नी देवी ने पूजन किया। जय नारायण सिंह, भानुप्रताप सिंह, राहुल, अमित चौहान, योगेंद्र नारायण, ओमेंद्र नारायण मौजूद रहे।