इसके बाद से रामवृक्ष यादव के समर्थक जवाहरबाग के गेट पर बैठ गए और किसी को अंदर नहीं जाने देते थे। लोगों में आकर्षण बनाने के लिए रामवृक्ष ने जवाहरबाग के अंदर सस्ता मिनी बाजार भी लगाया था, जिसमें सस्ती दाल, चावल, चीनी, अनाज, फल-सब्जी बेचे जाते थे।
रामवृक्ष यादव की बढ़ती हरकतों को देखकर जिला प्रशासन ने जवाहर बाग की बिजली भी काट दी थी। इससे वह बौखला गया और गेट पर अपने आदमी तैनात कर दिए। दो जून 2016 को बाग को खाली कराने को लेकर मुठभेड़ हुई, जिसमें एसपी सिटी और थाना प्रभारी शहीद हो गए थे।
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अत्याधुनिक हथियारों से लैस हो पुलिस
पुलिस पर हमला होना अब आम हो गया है। ऐसा लगता है कि पुलिस का खौफ ही खत्म हो गया है। पुलिस का इकबाल बुलंद करने के लिए सरकार को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करना चाहिए। हालांकि मथुरा पुलिस हथियारों से लैस जरूर है, पर अब बदमाशों के अत्याधुनिक हथियारों के लैस होने के चलते पुलिस विभाग को भी यह सोचना होगा।