मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार तीन दिवसीय मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है,मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनमोहन गोयल का कहना है कि मेले में भारी भीड़ रहती है,अतःलोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन से अपील है कि मेला परिसर में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां,अत्यधिक पुलिस फोर्स लगाया जाए।मंदिर परिसर में कृत्रिम शौचालय प्रशासन की तरफ से मिले तो श्रद्धालुओं को राहत मिले। मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक प्रभुदयाल शर्मा ने बताया कि कैला देवी पैदल यात्री इटोरा कैला देवी मंदिर पर अवश्य आते हैं,यह एक ऐतिहासिक मेला है। मनोकामना पूर्ण होने पर भक्ति मंदिर पर नेजा चढ़ाते हैं।
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क्या है मंदिर का इतिहास?
कैला देवी ब्रज धाम मंदिर इटोरा प्राचीन मंदिर है। बुजुर्गों की मानें तो यह बताया जाता है कि सैकड़ों साल पहले मुरसान की रानी कुंदन देवी ने इस मंदिर का जीर्दोंद्वार कराया था, तभी से लेकर आज तक क्षेत्रीय लोग इस मंदिर पर विशाल मेले का आयोजन करते आ रहे हैं, जिसमें आज लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। साथ बताया जाता है कि मांडों के राजा कलिंग की कैला मैया कुलदेवी थीं, राजा कलिंग करीब तीन किलोमीटर दूर कबूलपुर गांव में रहते थे।
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