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एसएन का जूनियर डाक्टर भी आया डेंगू की चपेट में 

Thu, 15 Sep 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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Dengue - फोटो : Amar ujala
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एसएन मेडिकल कालेज का जूनियर डाक्टर भी डेंगू की चपेट में आ गया है। इस समेत तीन नए संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। इनको डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। जांच के लिए रक्त के नमूने लिए गए हैं। जूनियर डाक्टर सर्जरी विभाग का है। डेंगू वार्ड प्रभारी डा. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि तीन नए मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें डेंगू की संभावना है, सैंपल लिए गए हैं। इसमें एक जूनियर डाक्टर भी है, हालत सभी की ठीक है। डेंगू के मरीजों की संख्या अब 25 हो गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने हास्टल में फागिंग कराई। 
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बुखार से पीड़ित दो बच्चों की मौत 
ग्रामीण् क्षेत्र में बुखार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। तमाम शिकायतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग भी लापरवाह नजर आ रहा है। इसी के चलते बुधवार को पिनाहट और अछनेरा के गांवों में बुखार से पीड़ित दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि विभिन्न गांवों में बच्चे और बड़े बीमार पड़े हैं। गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए रोष व्यक्त किया है। 
पिनाहट के गांव सूखाताल में किसान सत्यनरायन के पुत्र पुष्पेन्द्र (10) को मंगलवार को बुखार आया। परिवारीजन उसे इलाज के लिए स्याहीपुरा में एक झोलाछाप के पास ले गये। वहां बच्चे की तबियत और बिगड़ गयी। इस पर वे बच्चे को आगरा ले गये। बाद में एत्मादपुर के पास एक मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अछनेरा के गांव रायभा निवासी श्याम सिंह की पुत्री ज्योति (7) को चार दिन से बुखार आ रहा था। आगरा में प्लेटलेट्स कम होने से मंगलवार रात बच्ची की मौत हो गयी। घटना के बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में शिविर लगाकर बीमार लोगों को उपचार दिलाने और झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 
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फागिंग के नाम पर फर्जीवाड़ा
शहर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया फैल रहा है लेकिन नगर निगम के कर्मचारी फागिंग के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। अधिकारियों ने फागिंग का रोस्टर जारी तो कर दिया है लेकिन कर्मचारी खानापूर्ति करके लौट आते हैं। रिपोर्ट दी जाती है कि फागिंग ठीक चल रही है।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, शहर के 90 वार्डों के लिए छह फागिंग मशीन हैं और 14 मशीन हैंड स्प्रे वाली हैं। इनके आधार पर फागिंग का रोस्टर जारी किया गया। कर्मचारी सुबह वाहन लेकर निकलते हैं और शाम को रिपोर्ट भरकर देते हैं कि इन वार्डों में फांगिग और स्प्रे ठीक से किया गया है। दो सिंतबर की रिपोर्ट देखें तो निगम कर्मियों ने कई वार्डों में फागिंग की थी। इनमें एक वार्ड कमला नगर का भी है।
पार्षद प्रदीप अग्रवाल से जब इस बारे में पूछा गया तो मालूम हुआ कि कर्मचारी आए थे और कुछ देर मुख्य सड़कों पर धुआं करने के बाद लौट गए। उसके बाद कोई नहीं आया। इसी तरह सात सितंबर को पार्षद डा. साक्षी बैजल के वार्ड में टीम गई और खानापूर्ति करके लौट आई। साक्षी बैजल के मुताबिक उनके क्षेत्र में फागिंग मशीन गई थी। गलियां बेहद संकरी हैं। यहां वाहन प्रवेश नहीं कर सकता है। इस संबंध में उप नगर आयुक्त अनिल कुमार का कहना है कि फागिंग प्रापर की जारी है। जहां बड़ी मशीन नहीं पहुंच पा रही है, वहां छोटी मशीनों का प्रयोग किया जा रहा।
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