भोगांव (मैनपुरी)। पिता और चाचा की पिटाई से सहमी एक बालिका घर से भागकर पांच दिन से भूसे पर बने कूप में छिपी रही। बच्ची से कुछ खाया तक नहीं था। अचानक ग्रामीण की नजर उस पर पड़ी तो उसने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने परिवारीजनों को सख्त हिदायत देकर बच्ची को उनकी सुपुर्दगी में दे दिया।
पुलिस के अनुसार गांव नगला दीपा निवासी नेमदार सिंह की पुत्री जूली (10) सरकारी स्कूल में कक्षा चार की छात्रा है। आरोप है नेमदार आए दिन बच्चों को पीटता और डराता धमकाता है। 23 फरवरी को पिता और चाचा ने किसी बात पर जूली को बेरहमी से पीट दिया। पिता व चाचा की मार से डरी सहमी बच्ची शाम के समय घर से भाग गई और गांव स्थित खेत में भूसे के कूप में जाकर छिप गई। शुक्रवार सुबह जब गांव नगला मुकुंद निवासी एक व्यक्ति ने बच्ची को देखा तो परिवारीजनों और पुलिस को सूचना दी। बच्ची को थाने ले जाया गया। वहां उसने बताया कि वह पिता व चाचा की पिटाई के डर से भूसा की कोठरी में छिप गई थी। इस दौरान उसने कुछ भी नहीं खाया। पुलिस ने रिश्ते के बाबा हाकिम सिंह व पिता नेमदार की सुपुर्दगी में बच्ची को दे दिया। हिदायत दी कि अगर दोबारा मारपीट की तो सख्त कार्रवाई होगी।
बाबा ने दी थी तहरीर
ग्रामीणों का कहना है कि बच्ची ने पिता और चाचा के डर से मारपीट किए जाने की बात पुलिस को बताई। लोगों का कहना है कि बाबा ने इसकी तहरीर दी। पिता ने पांच दिनों से लापता बच्ची के बारे में पुलिस को सूचना तक नहीं दी। इतने के बाद भी पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई किए बिना ही बच्ची को उसकी सुपुर्दगी में दे दिया।
हैंडपंप से पीया पानी
छात्रा ने पुलिस को बताया कि कूप के पास ही हैंडपंप लगा है। प्यास लगने पर लोगों की नजर बचाकर वह नल से पानी पी लेती थी। हालांकि इन पांच दिनों में उसने कुछ भी नहीं खाया। खाना न खाने की वजह से बच्ची शारीरिक रूप से कमजोर हो गई थी।
बच्ची ने पिता पर शराब पीकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पिता और अन्य परिजनों को थाने बुलाकर हिदायत दी गई है। बच्ची के साथ दोबारा मारपीट हुई तो आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- पहुप सिंह, थानाध्यक्ष भोगांव।