जोंस मिल क्षेत्र में पुलिस, सिंचाई विभाग और नगर निगम अपनी विभागीय संपत्तियों पर कब्जा लेंगे। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने एडीएम प्रशासन और संबंधित विभागों को आदेश दिए हैं। तीनों विभाग जल्द कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
जीवनी मंडी स्थित जोंस मिल क्षेत्र में पट्टे की जमीनों के साथ पुलिस, सिंचाई विभाग और नगर निगम की संपत्तियां भी खुदबुर्द हो गईं।
अलग-अलग खसरों में पुलिस महकमे की 1840 वर्ग मीटर और नहर सिंचाई विभाग की 48 हजार वर्ग मीटर भूमि शामिल है। सिंचाई विभाग की नगर निगम को हस्तांतरित भूमि मिलाकर बड़ी संख्या में मौके पर अवैध कब्जे हैं। जांच रिपोर्ट के बाद डीएम ने सबसे पहले संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
तहसील टीम के साथ होगी कार्रवाई
तीनों विभाग तहसील की टीम के साथ मौके पर जाकर कब्जा लेंगे। राजस्व टीम के नक्शा व रिकॉर्ड से मिलान के आधार पर कार्रवाई होगी। तहसीलदार सदर नजूल व अन्य सरकारी भूमाफिया के विरुद्ध एफआईआर करानी है।
जोंस मिल प्रकरण: तथ्य छुपाकर कराए बैनामे, पुलिस की जमीन भी घेरी, जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा
भूमाफिया को संरक्षण देने के आरोप लग रहे
जोंस मिल प्रकरण में जनप्रतिनिधियों पर भूमाफिया को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। मामले के शिकायतकर्ता कपिल वाजपेयी ने आरोप लगाए हैं कि जमीनों पर कब्जा करने वालों में कई विधायक व उनके रिश्तेदार शामिल हैं।
मुख्यमंत्री से कराएंगे जोंस मिल के व्यापारियों की समस्या का हल: महेश गुप्ता
जोंस मिल प्रकरण में जोंस मिल संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने आगरा में नगर विकास राज्य मंत्री महेश गुप्ता और अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता को ज्ञापन देकर न्याय दिलाने की मांग की। नगर विकास राज्य मंत्री ने कहा कि वे जल्द मुख्यमंत्री से मिलकर व्यापारियों की समस्याओं को हल करवाएंगे।
जोंस मिल संघर्ष समिति ने नगर विकास राज्य मंत्री को दिया ज्ञापन
उधर, लखनऊ में आशुतोष वार्ष्णेय के नेतृत्व में संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के संगठन महामंत्री सुनील बंसल को उनके आवास पर ज्ञापन दिया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि मंदिर के साथ-साथ आवासीय और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को किसी भी कीमत पर उजड़ने नहीं दिया जाएगा। बृजमोहन अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, अतुल बंसल, विशाल बंसल, अरुण गुप्ता, अमित अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, मुकेश जैन आदि मौजूद रहे।