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होटल जोधा द ग्रेट की इमारत ध्वस्त करने का आदेश

Tue, 28 Feb 2017 01:02 AM IST
होटल जोधा द ग्रेट की इमारत ध्वस्त करने का आदेश
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होटल जोधा द ग्रेट की इमारत ध्वस्त करने का आदेश - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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संरक्षित स्मारक पत्थर घोड़ा के प्रतिबंधित दायरे में पहले सीना ठोककर अवैध निर्माण कर चार मंजिला होटल खड़ा कर दिया गया। एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने अवैध निर्माण के खिलाफ थाना सिकंदरा में एफआईआर कराई और नोटिस जारी किए। होटल को नई दिल्ली स्थित डायरेक्टर जनरल एएसआई ने तोड़ने के आदेश भी जारी कर दिए, लेकिन एडीए, पुलिस ने सत्ता की शह पर कोई कार्रवाई नहीं की। ध्वस्तीकरण आदेश के तीन महीने बाद ही होटल का उद्घाटन सपा महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने किया। चालू हो चुके होटल पर अब एएसआई की अनुमति मांगी जा रही है।
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गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने एएसआई के संरक्षित स्मारक इतबारी खां टूम (पत्थर घोड़ा) के पूर्वी उत्तरी दिशा में सपा नेता भूपेंद्र सिंह यादव ने एमआईजी गुरू तेग बहादुर कालोनी में होटल जोधा द ग्रेट का निर्माण कराया था। पत्थर घोड़ा से सटे इस क्षेत्र में निर्माण के लिए सबसे पहले एएसआई की अनुमति लेना जरूरी था, लेकिन नियम ताक पर रखकर चार मंजिला निर्माण कराया गया। एएसआई सिकंदरा सर्किल ने काम शुरू होते ही थाना सिकंदरा में एफआईआर दर्ज करा दी। सेटेलाइट इमेज के जरिए पत्थर घोड़ा से होटल जोधा द ग्रेट, पिंड बलूची रेस्टोरेंट तक की दूरी की रिपोर्ट भी डीजी को भेजी तो 23 अगस्त को एएसआई के पुरातत्व महानिदेशक राकेश तिवारी ने होटल की इमारत को तोड़ने के आदेश जारी कर दिए। एएसआई एक्ट 1959 के नियम 38 के तहत अवैध निर्माण को ध्वस्त करने पर खर्च भी भूपेंद्र सिंह से ही वसूलने के आदेश दिए गए। ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद आगरा विकास प्राधिकरण के इंजीनियर और पुलिस की शह पर सपा नेता के होटल का निर्माण नहीं तोड़ा गया और दिसंबर में सपा महासचिव राम गोपाल यादव से होटल का उद्घाटन करा लिया गया। होटल बनने के बाद अनुमति के लिए एएसआई को आवेदन किया गया। एसडीएम सदर ने 5 दिसंबर को संयुक्त सर्वे के भी आदेश दिए, जिसमें एएसआई ने होटल में पूर्व में ही निर्माण का ब्योरा दिया है। 

दो साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान
एएसआई एक्ट में 2010 को हुए संशोधन के बाद विनियमित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण के लिए दो साल की जेल और एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों का ही प्रावधान है। एएसआई ने अवैध रूप से बनाई गई इमारत पर एफआईआर दर्ज कराई तो वहीं एडीए ने केवल नोटिस काटकर शह दी। इस मामले की राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण को भी शिकायत की गई है, जिसमें इमारत को तोड़ने की मांग की गई है। 
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पत्थर घोड़ा के पास बिना अनुमति के निर्माण पर एएसआई ने एफआईआर भी कराई है और महानिदेशक ने इमारत तोड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब कार्रवाई पुलिस और एडीए को करनी है।
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- डा. भुवन विक्रम, अधीक्षण पुरातत्वविद
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