कासगंज की दरियावगंज झील पर मेहमान परिंदों को देखते विद्यार्थी
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कासगंज। जिले की दरियावगंज झील को लीडिंग झील बनाए जाने के बाद अब यहां मेहमान परिंदे कलरव करने लगे हैं। झील पर इन परिंदों को देखने के लिए प्रतिदिन स्कूलों के विद्यार्थी पहुंच रहे हैं। वन विभाग ने विद्यार्थियों को झील पर घुमाने का लक्ष्य तय कर लिया है। प्रतिदिन अलग-अलग स्कूलों के बच्चे झील पर पहुंचेंगे।
दरियावगंज झील को वेटलैंड विभाग ने लीडिंग झील बना दिया है। इसके सौंदर्यीकरण पर काम चल रहा है। झील का अस्तित्व वापस लौट रहा है। ऐसे में मेहमान परिंदों के कलरव से यह झील चहकने लगी है। झील की अनदेखी के चलते अपना देश छोड़ चुके हेरोन, परपल मोरन, फूट सहित कई प्रजातियों के पक्षी अब झील पर दिखाई दे रहे हैं। वन विभाग ने एक नई पहल की है। विभाग ने लक्ष्य तय किया है कि जिले के अधिकांश विद्यालयों के विद्यार्थियों को इस झील का भ्रमण कराया जाएगा। अब तक कई स्कूलों के बच्चे झील भ्रमण कर चुके हैं। मेहमान परिंदों को देख विद्यार्थियों के चेहरे खिल रहे हैं। उनकी जिज्ञासाएं बढ़ रहीं हैं।
- स्कूली बच्चों को दरियावगंज झील पर प्रतिदिन भ्रमण के लिए ले जा रहे हैं। पर्यावरण, जीव संरक्षण, जैव विविधता की जानकारी विद्यार्थियों को दी जा रही है। कई प्रजाति के पक्षी झील पर कलरव कर रहे हैं। दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।