कासगंज। जेईई और नीट की परीक्षा को लेकर देशभर में बवाल हो रहा है। वहीं परीक्षार्थियों में भी मतभेद देखने को मिल रहा है। कोई परीक्षा आयोजन का पक्षधर तो कोई कर रहा टालने की मांग कर रहा है। इस बीच परीक्षार्थियों के अभिभावकों का मत है कि सामाजिक दूरी बनाकर परीक्षा कराई जाए।
परिस्थितियां ऐसी बन गई हैं कि सभी को कोरोना संक्रमण के डर से अपनी दिनचर्या को बदलना पड़ेगा। प्रतियोगी परीक्षार्थी आखिर कब तक परीक्षाओं का इंतजार करेंगे। सरकार को यह परीक्षा कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन के अनुसार करा देनी चाहिए। इसी में परीक्षार्थियों का हित है- -नंदनी सिसौदिया।
कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल बंद हैं। ऐसे में परीक्षा कराना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। क्योंकि कोरोना में सबकुछ अव्यवस्थित हो गया है। इसलिए सरकार विचार करे और इस परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया जाए। मुझे छह सितंबर की परीक्षा का प्रवेशपत्र मिला है- -संस्कृति अग्रवाल।
परीक्षा हर हाल में होनी चाहिए। जब अन्य सभी गतिविधियां हो रही हैं। तो परीक्षा से ही कोरोना का क्या खतरा है। वैसे तो मैंने एक आवासीय स्कूल में जेईई की परीक्षा ऑनलाइन दे दी है, लेकिन फिर भी मेरा मत है कि परीक्षा केंद्र बनाकर व्यवस्थित रूप से परीक्षाएं होनी चाहिए।- तान्या माहेश्वरी।
परीक्षा को दोनों ही पहलुओं से देखना चाहिए। जहां एक ओर कोरोना संक्रमण का डर है वहीं प्रतियोगी परीक्षार्थियों के भविष्य का सवाल भी है। सरकार इस तरह की व्यवस्था बनाए कि कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम रहे और परीक्षाएं भी हो जाएं। 16 सितंबर की परीक्षा का प्रवेश पत्र मिला है- खुशी।