मथुरा के जवाहर बाग कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष के बेटे ने नगर निगम से पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा था। नगर निगम ने उसे फॉर्म-दो भरकर देने के लिए कहा, जिसके बाद नगर निगम आगे कार्रवाई बढ़ाएगा।
जवाहर बाग कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव के बेटे राजनारायण को नगर निगम ने रजिस्टर्ड डाक भेजकर फॉर्म-2 की पूरी कार्रवाई करने के लिए कहा है, जिससे कि उसके पिता रामवृक्ष का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जा सके। गौरतलब है कि 2 जून 2016 को जवाहर बाग का कब्जामुक्त कराते हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और थाना प्रभारी फरह संतोष यादव सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी।
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रामवृक्ष यादव के बेटे राजनारायण निवासी गांव रायपुर, गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) ने हाईकोर्ट प्रयागराज में प्रार्थनापत्र देकर पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र की मांग की थी। 5 दिसंबर 2020 को दिए गए इस प्रार्थनापत्र के बाद कोर्ट ने नगर निगम को भी आदेशित किया था। राजनारायण ने नगर निगम में प्रार्थनापत्र देकर पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र मांगा था। मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए राजनारायण ने फॉर्म-2 नहीं भरा था।
नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी करीम अख्तर कुरैशी ने राजनाराण का रजिस्टर्ड डाक से फॉर्म-2 भरने के लिए पत्र भेजा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि रजिस्टर्ड डाक से फॉर्म-2 भरने की कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। जल्द ही रामवृक्ष के बेटे राजनारायण फॉर्म-2 भरकर देंगे तो नगर निगम मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करेगा।
मृत्यु प्रमाणपत्र के बिना अटक गई रामवृक्ष की धनराशि
दरअसल, रामवृक्ष यादव के परिजन को उनकी मौत के रहस्य के खुलासे से ज्यादा वर्तमान में मृत्यु प्रमाणपत्र की आवश्यकता है, जिससे रामवृक्ष यादव का बैंक खातों का पैसा परिजन को मिल सके। यह पैसा बिना मृत्यु प्रमाणपत्र के नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते परिजनों ने स्थानीय अदालत के अलावा हाईकोर्ट की शरण भी ली है। अधिवक्ता ने बताया कि रामवृक्ष की धनराशि के लिए बैंक में वारिसान की आवश्यकता है और वारिसान प्रमाण बिना मृत्यु प्रमाणपत्र के नहीं मिल सकता है।