जवाहर बाग हिंसा की गूंज ने पूरे देश को हिला दिया था
दो जून-2016 का जवाहर बाग का मंजर देखने वाले आज भी सिहर उठते हैं। कब्जाधारियों को हटाने गए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसएचओ संतोष यादव समेत पुलिसकर्मियों पर ऐसा हमला किया, जिसमें दोनों अफसर शहीद हो गए थे। इसके अलावा 27 लोगों की जानें तक चली गईं थीं। जवाहर बाग पर कब्जा जमाए बैठे रामवृक्ष यादव और उसके गुर्गों ने यह हमला किया था। इसकी गूंज दिल्ली और लखनऊ तक ही नहीं पूरे देश में पहुंची थी।
जांच सीबीआई को मिली
करीब चार साल पहले सीबीआई को जांच सौंपी गई थी। आज तक देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी इस मामले में चार्जशीट दाखिल तक नहीं कर सकी। शहीद मुकुल द्विवेदी के बहनोई सतीश पांडेय ने कहा कि सोती हुई सरकार आखिर न जाने कब जाएगी। अभी तक शहीद होने के बाद कोई पुरस्कार नहीं दिया गया। सीबीआई के डीआईजी ने डेढ़ वर्ष पूर्व कहा था कि वह तीन माह में जांच का परिणाम दे देंगे, लेकिन आज तक स्थिति ढाक के तीन पात बनी हुई है।
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