अखिल भारतीय जाट महासभा के सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि जाट और मराठा मिलकर आरक्षण की लड़ाई लड़ेंगे। इस दौरान सामाजिक कुरीतियों और शैक्षणिक व आर्थिक स्थिति पर भी मंथन किया गया।
जाट और मराठा एक साथ मिलकर आरक्षण की लड़ाई लड़ेंगे। यह घोषणा अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय सम्मेलन में की गई। सामाजिक कुरीतियों के साथ शैक्षणिक व आर्थिक स्थिति पर भी मंथन किया गया। सम्मेलन में जिले से भी सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन में भाग लिया।
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सम्मेलन का आयोजन तालकटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में किया गया। अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने की। जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने बताया कि अखिल भारतीय मराठा आरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने आरक्षण की लड़ाई साथ लड़ने का वादा किया है। इससे आरक्षण की लड़ाई और तेज होने जा रही है।
देश में 20 से अधिक जाट समाज के लोकसभा और राज्यसभा सदस्य हैं। आरक्षण के लिए सभी को घर-घर जाकर निमंत्रण देने का निर्णय लिया। आरक्षण की लड़ाई बिना राजनीतिक दबाव के पूरी नहीं हो सकती है। सम्मेलन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कु. शैलराज सिंह, चौधरी गोपीचंद, डॉ. सुरेंद्र सिंह, वीरेंद्र छोंकर, हरिओम जुरैल, नरेश इंदौरिया आदि शामिल हुए।