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UP: जाट योद्धा महाराजा सूरजमल...जिन्होंने मुगलों से आगरा किला कराया था मुक्त, जानें वीरता की कहानी

Mon, 09 Jun 2025 03:51 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

जाट योद्धा महाराजा सूरजमल ने मुगलों की सत्ता को चुनौती दी। आगरा किला मुगलों से मुक्त कराया। उसी किले के द्वार पर अब उनका शौर्य गूंजेगा। 
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आयोजन की जानकारी देते विधायक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल ने जिस आगरा किला को 264 साल पहले जीता था। जहां 13 साल जाट समुदाय ने शासन किया। किले को मुगलों से मुक्त कराया। उसी किला के द्वार पर अब सूरजमल का शौर्य गूंजेगा। किला जीतने की याद में 12 जून को रामलीला मैदान में विजय दिवस समारोह होना है।
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विजय दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को आमंत्रित किया गया है। रविवार को तैयारियों के बारे में प्रगतिशील जाट महासभा और छावनी क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने प्रेसवार्ता की।

डॉ. धर्मेश ने बताया कि एक महीने की घेराबंदी के बाद 12 जून 1761 को भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल ने आगरा किला पर कब्जा किया था। उन्होंने वीर गोकुल जाट की हत्या का बदला लिया था। जिसे क्रूर औरंगजेब ने मौत के घाट उतार दिया था। इतिहासकारों के अनुसार मुगल साम्राज्य के खिलाफ सूरजमल ने कई युद्ध लड़े।
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प्रगतिशील जाट महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम फौजदार ने बताया कि महाराजा सूरजमल के वंशज और जाट समाज के लोग हर साल 12 जून को विजय दिवस मनाते हैं। पहली बार विजय दिवस आगरा किला पर मनाया जाएगा। रामलीला मैदान में नाट्य मंचन, लोक व सांस्कृतिक गायन होगा।

महाराजा सूरजमल की गाथा सुनाई जाएगी। समारोह के लिए पर्यटन एवं संस्कृति विभाग से अनुमति मिल गई है। इस दौरान यादराम वर्मा, उदयवीर सिंह चाहर, मोहन सिंह सोलंकी, राजेंद्र सिंह, संजय खिरवार, प्रताप सिंह, गजेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।

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किले के अंदर आयोजन की अनुमति मांगी
भाजपा विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने बताया कि छत्रपति शिवाजी जयंती की तर्ज पर आगरा किला के अंदर महाराजा सूरजमल का विजय दिवस मनाने के लिए पर्यटन विभाग से अनुमति मांगी है। वैकल्पिक रूप से फिलहाल समारोह के लिए रामलीला मैदान में साफ-सफाई व व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं।

पिघलवा दिए थे चांदी के दरवाजे
इतिहासकार बताते हैं कि 1761 से 1774 तक आगरा किला भरतपुर के शासकों के कब्जे में रहा। उन्होंने मुगल स्मारकों में तोड़फोड़ की। ताजमहल पर लगे चांदी के दो दरवाजे पिघलवा दिए थे। कहा जाता है कि महाराजा सूरजमल ने ताजमहल में भूसा भरवा कर घोड़ों का अस्तबल खोल दिया था।

 
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