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जनसुनवाई : दो महीने में चौथी से 21वीं रैंक पर गिरे

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आगरा। लापरवाही के कारण जनसुनवाई रैकिंग में आगरा दो महीने में 17 पायदान लुढ़का है। तहसील और कलेक्ट्रेट से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत करने के बाद भी शिकायतों का समाधान नहीं होने से रैंकिंग गिरी है।
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नवंबर 2021 की रैकिंग में जिलाधिकारी कार्यालय आगरा को 21वां स्थान मिला है। 140 अंकों में से 90 अंक प्राप्त हुए हैं। अक्तूबर में 19वीं रैंक थी, जबकि सितंबर में चौथी रैंक आई थी। आगरा फरवरी 2021 में प्रदेश में सबसे फिसड्डी 74वें स्थान पर रहा था। एक हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण नहीं होने से मामले डिफॉल्टर श्रेणी में आए थे।
तहसील दिवस से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय, आईजीआईएस व मुख्यमंत्री पोर्टल पर रोज 150 से 200 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। निस्तारण के नाम पर प्रशासन का रवैया लचर है। जिम्मेदार अफसर लापरवाह हैं। जिसकी वजह से फरियादियों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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जन प्रहरी संस्था संयोजक नरोत्तम शर्मा कहते हैं कि शिकायतों का फर्जी निस्तारण किया जाता है। लेखपाल व संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता से फोन पर बात कर फर्जी रिपोर्ट लगा देते हैं। जिसके कारण समस्याएं दूर नहीं हो पातीं।
सपोर्ट इंडिया सोसाइटी अध्यक्ष एड. सुरेश चंद सोनी का कहना है कि फर्जी निस्तारण करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होती, इसलिए जनता की समस्या जस की तस बनी हुई हैं।
लापरवाही की जांच होगी
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही की जांच कराई जाएगी। समस्याएं दूर कराई हैं। रैकिंग में सुधार दिखेगा। डिफॉल्टर संदर्भ की नियमित समीक्षा की जा रही है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
नवंबर 2021
- 5203 शिकायतें जनसुनवाई में प्राप्त हुईं।
- 4719 शिकायकर्ता निस्तारण से असंतुष्ट रहे।
- 96 शिकायतें डिफॉल्टर श्रेणी में दर्ज हुई हैं।
- 24 शिकायतें मुख्यमंत्री कार्यालय तक गईं।
- 40 शिकायतों का भौतिक सत्यापन हुआ।
कागजों में निस्तारण, धरातल पर समस्याएं
केस एक : घर में नहीं बिजली
सिकंदरा निवासी तुलसीदास पुत्र डालचंद ने 20 नवंबर को तहसील दिवस में संदर्भ संख्या-30076621001548 से शिकायत दर्ज कराई। घर में बिजली संयोजन का अनुरोध किया। एसडीएम ने टोरेंट महाप्रबंधक को कनेक्शन के आदेश दिए। भाइयों के बीच संपत्ति का विवाद बताकर 30 नवंबर को कागजों में निस्तारण हो गया। तुलसीदास ने बताया कि घर में बिजली कनेक्शन नहीं हुआ।
केस दो : सड़क में तीन फुट गड्ढे
रामनगर निवासी अरविंद चाहर ने 18 नवंबर को जनसुनवाई पोर्टल पर संदर्भ संख्या- 4001621046869 से शिकायत दर्ज कराई। पथौली से वायु विहार, बीडी गार्डन से शास्त्रीपुरम तक सड़क में तीन फुट गहरे गड्ढे भरवाने की मांग की। एसडीएम ने पीडब्लयूडी को आदेश दिए। पीडब्ल्यूडी ने कहा सड़क एडीए बनाएगा। 30 नवंबर को कागज शिकायत हल हो गई। धरातल पर सड़क नहीं बनी।
केस तीन : बिल्डर ने हड़पी जमीन
बरौली अहीर निवास सुभाष चंद ने 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर संदर्भ संख्या- 40014621039969 शिकायत दर्ज कराई। बिल्डर पर लेखपाल की मिलीभगत से सरकारी जमीन हड़पने के आरोप लगाए। 28 अक्टूबर को कागजों में निस्तारण कर दिया। आख्या में लिखा लेखपाल पर झूठे आरोप हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि झूठी जांच आख्या देकर गुमराह किया जा रहा है।
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