डेढ़ महीने की छुट्टी के बाद बुधवार से शहर के सभी स्कूल खुल जाएंगे। इसी के साथ बढ़ जाएगी जाम की समस्या। छात्र-छात्राओं और स्कूली वाहनों से शहर की लाइफ लाइन सहित अंदरूनी मार्ग पर वाहन फंसेंगे ही, हाईवे भी इससे अछूता नहीं रहने वाला। हैरत है कि इस समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कोई प्लान नहीं बनाया।
बता दें कि हरीपर्वत क्षेत्र में सबसे ज्यादा स्कूल हैं। इस लिहाज से रकाबगंज और सदर इलाके दूसरे नंबर पर आते हैं। कुछ को छोड़कर अधिकतर विद्यालयाें की छुट्टी के समय में ज्यादा अंतर नहीं है। तकरीबन 1500 आटो, वैन और बस विभिन्न स्कूलों में चल रहे हैं। पहले से ही जाम की समस्या आम है तो एक ही समय मेें इतने वाहनों का लोड ट्रफिक व्यवस्था को ध्वस्त करने के लिए काफी है।
एसपी ट्रैफिक अभिषेक सिंह ने बताया कि स्कूलों के बाहर वार्निंग कार और क्यूआरटी की ड्यूटी लगाई है। इसमें पांच-पांच सिपाही होंगे, जो जाम की सूचना मिलने पर तुरंत पहुंचेंगे। वहीं, खंदारी के नए प्लान के बारे में संबंधित क्षेत्र के स्कूलों में मंगलवार को प्रधानाचार्य को बताया गया है। स्कूलों की छुट्टी के समय में 15 से 30 मिनट का अंतर रखने के लिए स्कूल संचालक और प्रधानाचार्य के साथ बैठक की जाएगी।
यहां रहेगी दिक्कत
- खंदारी
- गुरुद्वारा गुरु का ताल
- सिकंदरा
- बोदला
- शाहगंज
- भगवान टाकीज
- हरीपर्वत
- सेंट जोंस चौराहा
- मदिया कटरा
- देहली गेट
- पालीवाल पार्क
- सुल्तानगंज पुलिया
- साईं का तकिया
- बालूगंज
अधिक बच्चे भरकर ले जाने पर कार्रवाई
आटो में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जाता है, इससे हादसे की संभावना रहती है। अब ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करने की तैयारी में है। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि जल्द ही आरटीओ के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। ऐसे आटो को पकड़कर सीज कर दिया जाएगा।
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ये कट किसी ‘काल’ से कम नहीं
एनएचएआई की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे वाहन चालक
आगरा। बुधवार से स्कूल खुल रहे हैं। अगर आपके लाडले को लेकर स्कूल वैन, बस या आटो खंदारी से होकर गुजरते हैं, तो वाहन चालक से जरा संभालकर वाहन चलाने की कह दें। एनएचएआई की लापरवाही का खामियाजा आपके लाडले को भुगतना पड़ सकता है। खंदारी मऊ चौराहे को बंद कर दिया गया है। थोड़ी-थोड़ी दूरी पर हाईवे पर कट बना दिए हैं। यहां से वाहन मोड़ते वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
मथुरा की ओर से आने वाले वाहनों को लंबा चक्कर लगाकर खंदारी कैंपस की ओर जाना पड़ेगा। ऐसे ही आरबीएस की ओर से केंद्रीय हिंदी संस्थान की ओर जाने वाले वाहनों को भी हाईवे क्रास करने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। इसके अलावा गुरुद्वारा गुरु का ताल से भगवान टाकिज तक हाईवे से सर्विस लेन के बीच कई कट बना दिए गए हैं। काफी जगह बेरिकेडिंग ही नहीं है। यह कट ज्यादा खतरनाक हैं। यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरे की स्थिति नलकूप कालोनी के सामने है। यहां से लोग दोपहिया व थ्री व्हीलर तीन पहिया वाहनों को उतार देते हैं। कई बार ट्रक तक पलट गए हैं। भगवान टाकिज से खंदारी आने वाली सर्विस रोड पर पिछले 15 दिनों से पीपल को पेड़ टूटा पड़ा है।