आजादी के पहले जो शहर देश की विमान सेवा के नक्शे पर था, वह 60 साल से इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आवाज उठाता रहा, लेकिन दशकों पुरानी यह मुहिम अब रंग लाई और आगरा को उसका हक देने के लिए केंद्र और राज्य की सरकार तैयार हुई।
राज्य सरकार ने 22 दिन पहले आगरा के इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सैफई ले जाने का आदेश नागरिक उड्डयन सचिव को जारी किया और उसके बाद से ही हर दिन शहर के लोगों की आवाज को अमर उजाला ने न केवल धार दी, बल्कि सत्ता के कानों तक पहुंचाया। शहर के लोगों का संघर्ष रंग लाया और न केवल प्रदेश सरकार, बल्कि केंद्र सरकार को भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए आगरा के नाम का एलान करना पड़ा। यह आगरा की जीत है।
राज्य और केंद्र सरकार तक आगरा की आवाज को पहुंचाने के लिए अमर उजाला का शुक्रिया। हमेशा की तरह शहर की आवाज बनकर अमर उजाला ने बड़ी उपलब्धि हासिल कराने में सहयोग दिया।
प्रहलाद अग्रवाल
अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चेंबर
शहर की आवाज को अमर उजाला ने जिस ढंग से उठाया, यह उसी का नतीजा है। लोगों का संघर्ष रंग लाया है और जल्द ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सपना पूरा होगा।
पूरन डावर
अध्यक्ष, एफमेक
60 साल से जिस एयरपोर्ट को मांग रहे थे, वह अमर उजाला के सहयोग से आगरा को मिला है। पर्यटन के लिए यह कदम बूम साबित होगा, थैंक्स अमर उजाला।
राकेश चौहान
अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसो.
पर्यटन के 6 लाख लोगों की आवाज को अमर उजाला ने सत्ता तक पहुंचाया, उसी का यह असर है कि महज 20 दिन में ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए तारीख तक तय कर दी गई।
संदीप अरोड़ा
अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन
एयरपोर्ट शहर के युवाओं, पर्यटन उद्योग, जूता उद्योग के साथ कारोबारियों की जरूरत है। हर वर्ग, हर संगठन की आवाज को अमर उजाला ने अंजाम तक पहुंचाया है।
मनीष अग्रवाल
पूर्व अध्यक्ष, नेशनल चेंबर