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कब खत्म होगा इंतजार: स्टार्ट अप कंपनियां आईं न आईटी पार्क हो सका तैयार, दस हजार युवाओं को मिलता रोजागर

Sun, 15 Aug 2021 09:36 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

जनवरी में आईटी विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने मार्च तक काम पूरा करने के दिए थे निर्देश, 18 महीने में भी आईटी पार्क तैयार नहीं हो सका, 8 से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलता
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विस्तार
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ताजनगरी का पहला आईटी पार्क धरातल पर नहीं उतर सका। न स्टार्ट अप कंपनियां आईं, न पार्क तैयार हो सका। आगरा विकास प्राधिकरण और यूपीएसआईडीसी के बीच समन्वय की कमी से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) का काम पिछले आठ महीने से अधूरा पड़ा है। जनवरी 2021 में आईटी विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने मार्च 2021 तक इसे शुरू करने के निर्देश दिए थे, परंतु अधिकारियों की हीलाहवाली में आईटी पार्क का ख्वाब दम तोड़ता नजर आ रहा है।

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शास्त्रीपुरम के सींगना गांव में आईटी पार्क (एसटीपीआई) के लिए एडीए ने 2 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। जहां 23 हजार वर्ग मीटर कवर्ड एरिया का आईटी पार्क निर्माणाधीन है। इस पार्क में देशभर की सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर कंपनियां अपने स्टार्ट अप शुरू करतीं।
नई आईटी नीति के तहत बन रहा यह आगरा का पहला आईटी पार्क है। जिसमें 8 से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलता। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का यह ड्रीम प्रोजेक्ट विभागीय लापरवाही का शिकार हो रहा है। एडीए सचिव राजेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि हमने पार्क के लिए जमीन उपलब्ध करा दी है। यूपीएसआईडीसी को तैयार करना है। हमसे जो मदद चाहिए वो करने के लिए तैयार हैं।

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जनवरी 2021 में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने शास्त्रीपुरम स्थित आईटी पार्क के निरीक्षण के दौरान दोनों विभागों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए थे, परंतु अपर मुख्य सचिव के जाने के बाद विभागों में अहम का टकराव शुरू हो गया। जिसके कारण मार्च 2021 में तैयार होने वाला पार्क अगस्त 2021 तक अधूरा पड़ा है। दूसरी तरफ आईटी पार्क पूर्ण नहीं होने से शहर के आईटी विशेषज्ञ खासे नाराज हैं।
ये होंगी सुविधाएं
- आईटी पार्क में सिंगल विंडो क्लीयरेंस होगा।
- हाई स्पीड डाटा व इलेक्ट्रॉनिक्स सेंटर बनेगा।
- ऑप्टिकल फायर से जोड़ी जाएंगी कंपनियां।
- स्टार्ट अप के लिए रेडी टू यूज स्पेस मिलेगा।
- कस्टम विभाग के साथ सीधा समन्वय होगा।
- कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर व हार्डवयेर में रोजगार।
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विशेषज्ञ बोले-रुकेगा प्रतिभाओं का पलायन
टीटीजेड में गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आईटी पार्क बन रहा है। काम की सुस्त रफ्तार और अधिकारियों की लापरवाही के कारण 18 महीने में भी आईटी पार्क तैयार नहीं हो सका। बड़ी संख्या में आईटी से जुड़ी प्रतिभाएं आगरा से पलायन कर नोएडा, दिल्ली, बेंगलुरू व अन्य शहरों में रोजगार के लिए जा रही हैं। मैंने इस संबंध में पीएम, सीएम और आईटी विभाग से पत्राचार किया है। जल्द आईटी पार्क शुरू नहीं होने का खामियाजा प्रतिभाएं भुगत रही हैं। - अभिषेक अरुण गुप्ता, आईटी विशेषज्ञ
कार्यों की होगी समीक्षा
आईटी पार्क के कार्यों की जल्द समीक्षा होगी। दोनों विभागों में समन्वय बनाकर एसटीपीआई को जल्द शुरू कराया जाएगा। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
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