कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में सिंचाई मंत्री धर्मपाल विभागीय समीक्षा बैठक करते हुए
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सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि मथुरा के तालाबों को गंगाजल से भरा जाएगा। फसल सिंचाई के लिए पुराने तरीके छोड़ किसानों को इजराइल तकनीक से सिंचाई कराई जाएगी। स्प्रिंकलर पाइप से एक एक बूंद का प्रयोग कर फसल तैयार कराएंगे।
सिंचाई मंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में लगातार पानी की कमी हो रही है और नदियां सूख रही हैं। सिंचाई के लिए किसान दबंगई कर माइनरों की पटरी काटकर सिंचाई कर रहे हैं और अफसर चुप हैं।
अब खांदी करने पर संबंधित जेई को पहले निलंबित किया जाएगा और किसान के खिलाफ रिपोर्ट होगी। हरियाणा में मथुरा के पानी की चोरी पर हरियाणा सरकार से पत्राचार करेंगे। इस दौरान डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी शलभ माथुर, परियोजना निदेशक रविकिशोर त्रिवेदी, सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक में सिंचाई मंत्री धर्मपाल ने सिंचाई अफसरों से पूछा कि बार बार किसान आपको बंधक क्यों बनाते हैं। इस पर सिंचाई अफसर निरुत्तर रहे। तभी डीएम ने मंत्री को चार बार किए गए सिंचाई कार्यालय के निरीक्षण की रिपोर्ट सौंपी, बताया कि 11.25 बजे तक कोई सिंचाई अफसर ऑफिस नहीं पहुंचता।
इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि अब सिंचाई दफ्तरों अधिकारी डॉट फोन से डीएम को कॉल कर अपने उपस्थित होने की जानकारी देंगे। मंत्री ने डीएम से सिंचाई कार्यालयों में डॉट फोन लगवाने के निर्देश दिए।
इस दौरान विधायक पूरन प्रकाश, कारिंदा सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पदम सिंह शर्मा, महानगर अध्यक्ष चेतन स्वरूप पारासर, ब्लाक प्रमुख पन्नालाल गौतम, सिंचाई बंधु उपाध्यक्ष सुधीर रावत ने किसानों की समस्याएं व तकनीकी खामी बताई और सिंचाई अफसरों के ऑफिस न आने की शिकायत की।