अछनेरा। भरतपुर रोड स्थित ग्राम तुरकिया में सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे में एक युवक की जान चली गई। सिंचाई विभाग की जर्जर पुलिया से पैर फिसलने के कारण नहर में गिरे युवक का शव लगभग 19 घंटे बाद मंगलवार सुबह बरामद हुआ। इस घटना से जहां मृतक के परिजन में कोहराम मचा है, वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही पर कड़ा रोष व्यक्त किया है।
सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे गांव तुरकिया निवासी महेश जर्जर पुलिया से गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सामने से आ रहे वाहनों से बचने के प्रयास में उसका पैर फिसल गया। वह 45 फुट चौड़ी गहरी नहर में जा गिरा। पानी का बहाव तेज होने के कारण वह नहर में डूब गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीएसी के गोताखोरों को बुलाया। ग्रामीणों का आरोप है कि गोताखोर घंटों देरी से पहुंचे। यदि रेस्क्यू ऑपरेशन समय पर शुरू होता, तो शायद महेश की जान बच सकती थी। सोमवार देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार सुबह करीब 7:00 बजे मृतक का शव पानी में उतराता मिला, जिसे उसके छोटे भाई बंटी ने सबसे पहले देखा। ग्रामीणों का कहना है यह पुलिया वर्षों से क्षतिग्रस्त है। पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद सिंचाई विभाग ने इसकी मरम्मत नहीं कराई। महेश मजदूरी कर परिवार पालता था। वह अपने घर का इकलौता सहारा था। उसकी मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। अछनेरा थाना प्रभारी ने बताया मृतक महेश के शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।