फोटो24सिढ़पुरा के मोहनपुर रजवहा की मशीन से सफाई करते कर्मी ।संवाद
कासगंज। सिढ़पुरा में मोहनपुर रजवाह की सफाई का कार्य इन दिनों तेजी से जारी है। करीब 34 किलोमीटर लंबे इस रजवाह में बरसात के महीनों में बड़ी मात्रा में सिल्ट जमा हो जाती है। इससे रजवाह उथला हो जाता है और पानी का प्रवाह बाधित होने लगता है। ऐसे में पोकलेन मशीन से सफाई कराई जा रही है। मोहनपुर रजवाह सेमनपुर गांव के पास गोरहा–रम्पुरा नहर से निकलता है और क्षेत्र के किसानों की सिंचाई का प्रमुख स्रोत है।
सफाई कार्य के दौरान पोकलेन से निकाली गई मिट्टी रजवाह के दोनों ओर पटरी पर डाली जाती है। इससे पटरियों की स्वाभाविक मरम्मत हो जाती है। इससे रजवाह का किनारा मजबूत होता है। बरसात या ओवरफ्लो की स्थिति में पानी पटरियों को काटकर बाहर नहीं निकलता। इससे किसानों की फसलें सुरक्षित रहती हैं। रजवाह की सफाई पूरी होने के बाद रोस्टर के अनुसार इसमें पानी छोड़ा जाता है। इससे किसान रबी, खरीफ और जायद की फसलों की सिंचाई कर पाते हैं।
सरावल ग्राम प्रधान प्रतिनिधि यतेंद्र राजपूत कहते हैं कि यदि सफाई कार्य सही तरीके से न हो तो ओवरफ्लो की स्थिति में कटाव का खतरा बढ़ जाता है। किसान प्रमोद सोलंकी बताते हैं कि पिछले वर्ष सरावल गांव के पास रजवाह की पटरी कट गई थी। इसके कारण कई गांवों की धान, मक्का और हरे चारे की फसलें नष्ट हो गई थीं। कुछ मकानों में पानी घुसने से दीवारों में दरारें पड़ गई थीं और कई मकान गिर भी गए थे। अवर अभियंता सिंचाई विभाग गुलरेज ने बताया कि अभी पहले पोकलेन से सिल्ट निकली जा रही है, फिर लेबर से पटरियों पर मिट्टी ठीक कराई जाएगी।