आगरा। खाद्य एवं रसद विभाग के बाजरा क्रय केंद्रों पर धांधली सामने आई है। बाजार में 2,000 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाले बाजरा की सरकारी क्रय केंद्रों पर 2,775 रुपये प्रति क्विंटल खरीद कराने के आरोप में जिला विपणन अधिकारी नंद किशोर, विपणन निरीक्षक विकास जयंत, ब्रजेश शर्मा, रीता सेन और गंगा प्रसाद फंस गए हैं। बाजार से सरकारी केंद्रों पर 775 रुपये प्रति क्विंटल भाव अधिक है। अब तक 16 हजार टन बाजरा की खरीद का दावा किया जा रहा है।
जिले में 21 हजार टन बाजरा किसानों से खरीदने का लक्ष्य है। इसके लिए 16 क्रय केंद्र खोले गए हैं। 31 दिसंबर तक बाजरा की खरीद होनी है लेकिन, किसानों का बाजरा नहीं तौला जा रहा है। किसानों ने शिकायत दर्ज कराई कि क्रय केंद्रों पर विपणन निरीक्षक और उनके निजी कर्मचारी दलालों से सांठगांठ कर मंडियों का बाजरा सरकारी रेट पर खरीद रहे हैं। अमर उजाला ने किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाया। इसके बाद जिला प्रशासन ने जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्ट्या आरोप सही मिले। जिला विपणन अधिकारी नंद किशोर की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
जांच के बाद डीएम अरविंद बंगारी ने जिला विपणन अधिकारी नंद किशोर, खेरागढ़ क्रय केंद्र के विपणन निरीक्षक विकास जयंत, जैतपुर की विपणन निरीक्षक रीता सैन, पिनाहट के ब्रजेश शर्मा, फतेहपुर सीकरी के गंगा प्रसाद के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी है। इसके अलावा जगनेर व अन्य क्रय केंद्र की जांच भी कराई जा रही है। इस मामले में एडीएम नागरिक आपूर्ति के विरुद्ध भी कार्रवाई हो सकती है। इस संबंध में संभागीय खाद विपणन अधिकारी राजेश उपाध्याय का कहना है कि आगरा को छोड़कर मंडल में किसी जिले से अनियमितता की शिकायत नहीं आई है।
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निजी कर्मियों की आड़ में फर्जीवाड़ा
क्रय केंद्रों पर जिला विपणन अधिकारी व निरीक्षक ने मनमानी ढंग से निजी कर्मचारी तैनात कर लिए। आरोप है कि इन निजीकर्मियों की आड़ में फर्जीवाड़े का खेल चला। निजीकर्मियों ने संदिग्ध किसानों के पंजीकरण कराए। फिर उनके नाम से बाजरा की खरीद कराई।