फोटो14लोक निर्माण विभाग कार्यालय कासगंज। संवाद
कासगंज। लोक निर्माण विभाग में कथित तीन करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सोशल मीडिया की सुर्खियों में है। एक्स पर लगातार इस घोटाले पर शिकायतें की गईं हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। मुख्य अभियंता लोक निर्माण ने अधीक्षण अभियंता अलीगढ़ को इस मामले की जांच सौंपी है।
शिकायतकर्ता मयंक बिंदल ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को मेल और एक्स पर कई शिकायतें की। उनका आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सड़क के गड्ढों की मरम्मत के नाम पर सहावर और अमांपुर क्षेत्र में फर्जी भुगतान किए गए। केवल माप पुस्तिका में ही गड्ढे भरना दर्शाया गया है।
अधिशासी अभियंता ने टेक्निकल फेल फर्म का चयनित बांड गठित करके अनियमितता की है। रुड़की की परिचित फर्म के नाम पर 10-10 लाख रुपये के सप्लाई ऑर्डर बना दिए। उन्हाेंने विभागीय वाहन का गैर राज्य तक प्रयोग करने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि शासन की आंखों में धूल झोंककर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है। शिकायत को लोक निर्माण के उच्च प्रशासन ने संज्ञान में ले लिया है।
अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, प्रशांत चौधरी ने बताया कि वित्तीय अनियमितता से जुड़ा मामला सामने आया है। शिकायत प्राप्त हुई है। बिंदुओं के आधार पर शिकायत की जांच की जाएगी। वहीं आरोपी अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, ज्ञान प्रकाश का कहना है कि जो शिकायत की गई है, वह पूरे तौर पर निराधार है। न कोई वित्तीय अनियमितता हुई है और न की किसी भी तरह का उल्लघंन किया गया है। जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा।