एसएन में पहली बार की गई इस तरह की सर्जरी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में आंत की नसों की बाईपास सर्जरी की सुविधा भी शुरू हो गई है। पहली बार एसएन में 55 साल के मरीज की सर्जरी कर जान बचाई गई। निजी अस्पतालों में इसका खर्च 3-4 लाख रुपये तक आता है।
कार्डियो थोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि रामबाग निवासी सोहन सिंह (55) को 5 साल से पेट में तेज दर्द की शिकायत थी। भोजन करते ही असहनीय दर्द होता था। इससे जीने मात्र के लिए ही भोजन करने लगे। इनका वजन 80 से घटकर 44 किलोग्राम रह गया।
कई निजी चिकित्सकों को दिखाने पर भी ठीक नहीं हुआ। इनको दिल्ली एम्स में इलाज के लिए भेजा। यहां महीनों चक्कर काटने के बाद भी नंबर नहीं आ पाया। इस तरह जांच और इलाज में मरीज के करीब 32 लाख रुपये खर्च हो गए। इसके लिए खेत तक बेचना पड़ा।