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UP: एसएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार की गई आंत की नसों की बाईपास सर्जरी, 55 साल के मरीज की बचाई जान

Sun, 18 May 2025 09:39 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

मरीज काफी दिन से परेशान था। दिल्ली एम्स में इलाज के लिए भेजा। यहां महीनों चक्कर काटने के बाद भी नंबर नहीं आ पाया। इस तरह जांच और इलाज में मरीज के करीब 32 लाख रुपये खर्च हो गए। इसके लिए खेत तक बेचना पड़ा।
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एसएन में पहली बार की गई इस तरह की सर्जरी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एसएन मेडिकल कॉलेज में आंत की नसों की बाईपास सर्जरी की सुविधा भी शुरू हो गई है। पहली बार एसएन में 55 साल के मरीज की सर्जरी कर जान बचाई गई। निजी अस्पतालों में इसका खर्च 3-4 लाख रुपये तक आता है।
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कार्डियो थोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि रामबाग निवासी सोहन सिंह (55) को 5 साल से पेट में तेज दर्द की शिकायत थी। भोजन करते ही असहनीय दर्द होता था। इससे जीने मात्र के लिए ही भोजन करने लगे। इनका वजन 80 से घटकर 44 किलोग्राम रह गया।

कई निजी चिकित्सकों को दिखाने पर भी ठीक नहीं हुआ। इनको दिल्ली एम्स में इलाज के लिए भेजा। यहां महीनों चक्कर काटने के बाद भी नंबर नहीं आ पाया। इस तरह जांच और इलाज में मरीज के करीब 32 लाख रुपये खर्च हो गए। इसके लिए खेत तक बेचना पड़ा।
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एसएन में पेट की सीटी, एंजियोग्राफी से पता चला कि आंतों में खून ले जाने वाली मुख्य नस (सुपीरियर मेसेंटेरिक आर्टरी) में 90 फीसदी तक ब्लॉकेज है। इसका इलाज बाईपास सर्जरी से ही संभव है। इसमें आंतों की बंद नस के स्थान पर नई नस से बाईपास बनाया। इससे आंतों में फिर से रक्त का संचार होने लगा।

ऑपरेशन में 4 घंटे से अधिक समय लगा। इससे मरीज का दर्द खत्म हो गया और अच्छी तरह से खा-पी रहा है। हालत ठीक होने पर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया है। प्राचार्य डाॅ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन में हृदय, किडनी, लिवर, मस्तिष्क समेत अन्य गंभीर रोगों के विशेषज्ञ हैं। यहां निशुल्क ऑपरेशन हो रहे हैं, मरीज इसका लाभ उठा सकते हैं।
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