बच्चों को नहीं खाने दूंगी ठोकर, पढ़ते हैं तीनों बच्चे
मुंद्रा देवी बताती हैं कि उनके दो बेटे और एक बेटी है। तीनों को ही वह स्कूल भेजती हैं। कहती हैं कि अगर पढ़ी लिखी होती तो शायद कुछ दूसरा काम कर रही होती। अब बच्चों को ठोकरें नहीं खाने देंगी, इसलिए उन्हें पढ़ा रही हैं।
लॉकडाउन में छिनी पति की नौकरी
मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में लॉकडाउन लगाया गया तो उनके पति की नौकरी भी छूट गई। वह जूता फैक्टरी में नौकरी करते थे। ट्रेनों का संचालन भी बंद था, लेकिन हिम्मत नहीं हारी, स्पेशल ट्रेनें कम हैं, लेकिन वह पूरे दिन इसी इंतजार में स्टेशन पर बिता देती हैं कि कोई यात्री तो आएगा जोकि सामान उठवाएगा। अब हालात बदल रहे हैं, ट्रेनें बढ़ने से कुछ आमदनी बढ़ने लगी है।