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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: कमजोरी को बना लिया ताकत, बनीं जिम ट्रेनर; पुरुषों को भी दे रही हैं मात

Sat, 09 Mar 2024 09:46 AM IST
धीरेन्द्र सिंह सलोनी पांडे, आगरा

सार

आगरा की तीन बेटियों ने जिम को अपना कॅरिअर बना लिया है।  कुछ कर दिखाने के जज्बा रखने वाली ये युवतियां जिम ट्रेनर के रूप में पुरुषों को भी मात दे रही हैं।
 
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प्रिया चौहान, इप्शिता त्रिपाठी और जाह्नवी लालवानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिटनेस के गलियारों में कॅरिअर बनाने वाली जाह्नवी, प्रिया चौहान, इप्शिता त्रिपाठी का कहना है कि मैं लड़की हूं कमजोर नहीं, मेरी ताकत का कोई छोर नहीं...। उन्होंने अपनी कमजोरी का ही ताकत बना डाला। जिम ट्रेनर बनीं और अब महिला और पुरुष दोनों को फिट रहने का फार्मूला दे रही हैं। कुछ कर दिखाने के जज्बा रखने वाली शहर की ये युवतियां जिम ट्रेनर के रूप में पुरुषों को भी मात दे रही हैं।
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वजन अधिक होने पर लोग देते थे ताना
दयालबाग के अमर विहार निवासी जाह्नवी लालवानी ने बताया कि मुझे अक्सर बढ़े हुए वजन की वजह से लोग ताना देते थे। परेशान होकर जिम जाना शुरू किया। वर्ष 2017 से ही फिटनेस के क्षेत्र में पढ़ाई करने के बाद पर्सनल ट्रेनर के क्षेत्र में कॅरिअर बना लिया। 2021 में पिता के देहांत के बाद से घर की पूरी जिम्मेदारी अकेले उठा रही हूं।


लोग मुझे देते थे सलाह, अब मैं देती हूं
घटिया आजम खां निवासी इप्शिता त्रिपाठी ने बताया कि बीमार होने की वजह से दुबली-पतली दिखने लगी थी। लोग सलाह देते शरीर पर ध्यान दो। इस वजह से जिम जाना शुरू किया। तभी सोच लिया क्यों न लोगों को फिटनेस के लिए जागरूक करूं। कभी लोग मुझे फिट रहने की सलाह देते थे और अब मैं लड़के और लड़कियों को फिट रहने के टिप्स देती हूं।
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लड़कों की तरह जिम जाना था पसंद
खेरिया मोड़ निवासी प्रिया चौहान ने बताया कि लड़कों की तरह मुझे भी खुद को फिट रखने के लिए जिम जाना पसंद था। इसलिए जिम जाना शुरू कर दिया। देखा इस क्षेत्र में लड़कियां शहर में नाममात्र हैं तो जिम ट्रेनर के तौर पर कॅरिअर बनाया। मैं चाहती हूं शहर की और लड़कियां भी इस क्षेत्र में आएं।
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