पूनम ने बताया कि सब हासिल करना इतना आसान नहीं था। घरवालों को नृत्य करना बिल्कुल पसंद नहीं था। स्कूल से समय निकालकर नृत्य की शिक्षा लेने जाती थी। स्कूल जाने के लिए बस का किराए देने के लिए उन्हें घर से एक रुपया मिलता था। उसमें से कुछ पैसे बचाकर उन्होंने अपने लिए घुंघरू खरीदे। गुरु रमन सिंह धाकर और पति ओमदीप शर्मा ने उनका साथ दिया। वह वर्तमान में बच्चों को क्लासिकल की शिक्षा दे रही हैं।
पूनम का कहना है वे ऐसी लड़कियों को कथक की शिक्षा देना चाहती है, जो कथक तो सीखना चाहती है, लेकिन उनके पास फीस देने के लिए पैसे नहीं हैं।