आगरा में बीते साल की तरह इस बार भी शहर के 3.50 लाख घरों के गृहकर और जलकर में ब्याज माफी का प्रस्ताव नगर निगम कार्यकारिणी ने पास कर दिया है। शासन से अनुमति मिलते ही नगर निगम फिर से एकमुश्त समाधान योजना यानी ओटीएस लाएगा।
पार्षद रवि माथुर ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर सवाल खड़े किए। कहा कि आधे वार्डों में घरों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा, फिर पूरा भुगतान क्यों हो रहा है। एक कंपनी यूजर चार्ज के लिए रखी है, पर वह यूजर चार्ज वसूल नहीं पा रही। इस पर मेयर ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कर रही कंपनी स्वच्छता काॅरपोरेशन और फीड बैक कंपनी का भुगतान रोक दिया। मेयर ने इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई, जो 7 दिन में रिपोर्ट देगी।
नगर निगम कार्यकारिणी ने गाय-भैंस पकड़ने के प्रस्तावों को भी मंजूर किया। सड़कों पर घूमती भैंसों को पकड़ने पर छोड़ने के लिए जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये तय की गई। वहीं गाय छोड़ने के लिए जुर्माना राशि 5000 रुपये को घटाकर 2500 रुपये करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। यह तय हुआ कि एक साल तक के गाय के बच्चे को छोड़ने के लिए कोई जुर्माना नहीं देना होगा। घोड़े और खच्चर के लिए 2000 रुपये जुर्माना तय किया गया है।
नगर निगम में म्यूटेशन (नामांतरण) की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक हैं जो कम पढ़े-लिखे होने के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं अपना पा रहे। इस वजह से उपसभापति ने म्यूटेशन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से लागू करने का प्रस्ताव रखा। कार्यकारिणी ने इसे भी पास कर दिया। इसे भी शासन को भेजा जाएगा।
नगर निगम कार्यकारिणी में पार्षद यशपाल सिंह, कप्तान सिंह और अरविंद मथुरिया ने मेट्रो स्टेशन का नाम डाॅ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा, जिसे कार्यकारिणी ने शासन को भेजने का निर्णय लिया है। पार्षद बद्री प्रसाद माहौर ने वीरांगना झलकारी बाई शोभायात्रा के अनुदान को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा, जिसे कार्यकारिणी ने 75 हजार रुपये कर पास कर दिया।