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स्नातक की कापी जांचने पहुंचे इंटर कालेज के टीचर

Wed, 29 Jun 2016 02:02 AM IST
अमर उजाला आगरा
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काली सूची में शामिल 17 कालेज भी बने सेंटर - फोटो : अमर उजाला
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डा. बीआरए मूल्यांकन में मोटी कमाई के लिए फर्जी परीक्षक भी पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले कला वर्ग के विषयों में सामने आए। खंदारी कैंपस के इंस्टीट्यूट आफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट में ऐसे ही एक मूल्यांकन को पहुंचा परीक्षक पकड़ में आया। यहां मानकों के अनुसार पांच साल का महाविद्यालय में शिक्षण अनुभव, बैंक की पास बुक, जिसमें वेतन आता है। शैक्षणिक रिकार्ड और कालेज प्राचार्य का संस्तुति पत्र देखा जा रहा है। ऐसे ही एक शिक्षक सेंटर पहुंचे। प्रभारी ने उनके अनुभव प्रमाण पत्र और प्राचार्य की संस्तुति वाला पत्र देखा। परीक्षक से स्नातक के अंग्रेजी के विषय और पाठयक्रम पूछा तो वह सही जवाब नहीं दे सका। उनसे कालेज प्राचार्य का फोन नंबर मांगा, तो वह आनाकानी करने लगे। प्रभारी ने सख्ती की तो उन्होंने राज उगल दिया। बोले, वह सिकंदरा स्थित अंग्रेजी मीडियम के इंटर तक के स्कूल में टीचर है। योग्यता अंग्रेजी से पोस्टग्रेजुएशन है। उसके शैक्षणिक रिकार्ड जब्त किए तो वह गिड़गिड़ाने लगा। प्रभारी डा. लवकुश मिश्रा बताते हैं कि मूल्यांकन से पहले परीक्षकों का सत्यापन कराया जा रहा है। अनुभव प्रमाण पत्र, वेतन रसीद समेत कई बिंदु सही पाए जाने पर ही उसे पात्र घोषित किया जाता है। 
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मूल्यांकन गलत होेने पर परीक्षक पर कार्रवाई 
प्रभारी डा. मिश्रा ने बताया कि परीक्षक को जो कापियां जांचने को दी जा रही है, उनके सीरियल नंबर समेत सभी विवरण रखे जा रहे हैं। अगर भविष्य में कोई छात्र आपत्ति जताता है तो इसकी जिम्मेवारी परीक्षक की होगी। 
एक दिन में 150 कापियां 
परीक्षक एक दिन में 150 कापियां जांच सकता है। स्नातक की एक उत्तरपुस्तिका जांचने का 15 और परास्नातक की कापी जांचने पर 21 रुपये का पारिश्रमिक मिलता है। अगर देखा जाए तो एक दिन में परीक्षक को दो से तीन हजार रुपये मिलते हैं। आने-जाने, खानपान का भत्ता अलग से मिलता है। 
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