मैनपुरी। दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए शासन ने कड़े निर्देश दिए हैं। समेकित शिक्षकों को चलने फिरने में असमर्थ दिव्यांग छात्र-छात्राओं को घर-घर पहुंचकर शिक्षा देनी होगी। बीएसए ने डीसी समेकित शिक्षा को आदेशानुसार शिक्षण कराने को कहा है।
दिव्यांग छात्र-छात्राओं की शिक्षा के लिए पूर्व में शासन स्तर से अभिभावकों को छात्रों को स्कूल पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन चलने फिरने में असमर्थ अधिकतर दिव्यांग छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं पहुंच सके। अब शासन ने ऐसे दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शिक्षा दिलाने के लिए समेकित शिक्षा के तहत तैनात विशेष शिक्षकों को घर-घर जाकर शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए दीपिका गुप्ता ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों और डीसी समेकित शिक्षा को निर्देश दिए हैं कि वे विशेष शिक्षकों की मदद से दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान कराने का कार्य करें।
डीसी समेकित शिक्षा को देनी होगी हर माह रिपोर्ट
बीएसए दीपिका गुप्ता ने डीसी समेकित शिक्षा को निर्देश दिए हैं कि वे विशेष शिक्षकों के शिक्षण कार्य की निगरानी करें। विशेष शिक्षकों की प्रगति रिपेार्ट हर माह उनके कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान विद्यालय समय में विशेष शिक्षक अधिकारियों के कार्यालय में पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई होगी।
दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिलनी चाहिए। इसके लिए विशेष शिक्षकों को जो जिम्मेदारी दी गई है वे उसके अनुसार कार्य करें। लापरवाही की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - दीपिका गुप्ता, बीएसए