बीमा कंपनी ने इलाज में खर्च हुई रकम का क्लेम नहीं दिया। पीड़ित ने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया। अध्यक्ष शोभा पोरवाल, सदस्य हेमलता गौतम और पद्मजा शर्मा ने स्टार हेल्थ एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से वादी को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 3.5 लाख रुपये दिलाने के आदेश दिए। साथ ही मानसिक कष्ट के रूप में पांच हजार रुपये अलग से देने होंगे।
दयालबाग के जगनपुर बेला निवासी विजय अग्रवाल ने अधिवक्ता के माध्यम से वाद दायर कराया। आरोप लगाया था कि 30 दिसंबर, 2022 को उन्होंने विपक्षी से अपना और पत्नी मधुर लता अग्रवाल का 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराया था। पॉलिसी लेते समय विपक्षी के कर्मचारी ने दोनों को कोई भी पूर्व बीमारी नहीं होने का रिमार्क अंकित किया था।
2 दिसंबर, 2023 की रात 9 बजे सीने में दर्द होने पर परिजन ने इलाज के लिए उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जिसमें 1.25 लाख रुपये खर्च हुए। डॉक्टर ने बाईपास सर्जरी की सलाह दी। उसके लिए भी कंपनी ने कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं दी। बिना कारण बताए क्लेम भी निरस्त कर दिया।