अनिल राजावत का आरोप था कि भरत खरे की ओर से मुकदमा दर्ज करके एकता चौकी के प्रभारी योगेश कुमार ने उन्हें पकड़ लिया था। इस दौरान चौकी से 60 हजार रुपये रिश्वत लेने के बाद छोड़ा था। यह भी आश्वासन दिया था कि एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा खत्म कर देगा। एसएसपी से शिकायत की गई थी।
इसके बाद भूतपूर्व सैनिकों ने भी दरोगा को भी जेल भेजने की मांग की। सोमवार को कलक्ट्रेट में बैठक कर पांच दिन का अल्टीमेटम दिया था। मंगलवार को दरोगा को निलंबित कर दिया गया। वहीं उसके खिलाफ विभागीय और रिश्वत लेने के आरोप की भी जांच चल रही है।
भूतपूर्व सैनिकों में उबाल
बुधवार को उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा आगरा आ रहे हैं। भूतपूर्व सैनिक इस प्रकरण में उनसे मिलने की योजना बना रहे हैं। अधिकारियों ने दरोगा को निलंबित करके भूतपूर्व सैनिकों को शांत करने का प्रयास किया है। एक प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी के नाम एक ज्ञापन दिया है।