हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष से इंस्पेक्टर ने की हाथापाई, कार्यकर्ताओं ने घेरी कोतवाली
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हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष के साथ हाथापाई के बाद भड़के कार्यकर्ताओं ने रविवार देर रात कोतवाली का घेराव कर दिया। आक्रोश इतना था कि कोतवाली में ही इंस्पेक्टर के साथ जमकर गाली गलौज की गई।
जिलाध्यक्ष के साथ कार्यकर्ता कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। एएसपी आसपास के थानों का फोर्स लेकर कोतवाली पहुंचे और मजिस्ट्रेट जांच का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। करीब पांच घंटे तक कोतवाली में हंगामा हुआ।
हिंदू युवा वहिनी के जिलाध्यक्ष विनय चौहान रविवार की रात करहल रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित एक ढाबा पर बैठे हुए थे। आरोप है कि रात करीब 9:30 बजे वहां इंस्पेक्टर कोतवाली पीआर शर्मा हमराह पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे। वह ढाबा पर मौजूद एक व्यक्ति को पीटते हुए जीप में बैठा रहे थे।
आरोप है कि जब जिलाध्यक्ष ने वजह जाननी चाही तो इंस्पेक्टर अभद्रता पर उतारू हो गए। गाली गलौज करते हुए थप्पड़ मारने के साथ ही जीप में बैठाकर कोतवाली ले गए। रास्ते में एनकाउंटर करने की धमकी भी दी।
जिलाध्यक्ष को कोतवाली ले जाने की जानकारी जैसे ही संगठन के अन्य पदाधिकारियों को हुई वह कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंच गए। सभी धरने पर बैठने के साथ ही इंस्पेक्टर और हमराह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग करने लगे।
इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जमकर गाली गलौज की। कोतवाल के घेराव की जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के थानों का फोर्स भी मौके पर बुला लिया गया।
एएसपी ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री राहुल राठौर को भी कोतवाली बुला लिया। कार्यकर्ता इंस्पेक्टर सहित हमराह पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग कर रहे थे। एएसपी ने उन्हें कार्रवाई और मजिस्ट्रेटी जांच का आश्वासन दिया। तब जाकर करीब पांच घंटे बाद जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता कोतवाली से हटे।
अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि घटनाक्रम को लेकर मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाल पीआर शर्मा का कहना है कि जिलाध्यक्ष की ओर से थप्पड़ मारने का आरोप झूठा लगाया गया है। उन्हें पुलिस लेकर नहीं आई थी, बल्कि वह खुद ही पकड़े गए व्यक्ति के समर्थन में कोतवाली आए थे।