महिला अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम।
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मैनपुरी। जिलाधिकारी ने बुधवार को अचानक जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अल्ट्रासाउंड नियमित न होने पर नाराजगी जताई। अल्ट्रासाउंड कक्ष में तैनात कर्मियों को हिदायत देते हुए कहा कि कार्यशैली सुधारें और जो मरीज पहले आएं उनका पहले अल्ट्रासाउंड किया जाए। किसी भी गर्भवती को समय से आने के बावजूद अग्रिम तिथि न दी जाए।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान बड़ेरी की गर्भवती लक्ष्मी, जिसे गांव की आशा 25 जुलाई को एएनसी कराने के लिए जिला महिला चिकित्सालय लाई थी उसका अल्ट्रासाउंड न कर उसे छह अगस्त की तिथि दी गई थी। उन्होंने अल्ट्रासाउंड रजिस्टर का अवलोकन करने पर पाया कि 25 जुलाई को मात्र 16 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड किए गए।
जबकि प्रतिदिन कम से कम 40 अल्ट्रासाउंड होने चाहिए। 27 जुलाई को 22 एवं 30 जुलाई को मात्र दो अल्ट्रासाउंड किए गए। जानकारी करने पर बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की कोर्ट तारीख होने के कारण 30 जुलाई को मात्र दो अल्ट्रासाउंड हो सके। उन्होंने अल्ट्रासाउंड तिथि दिए जाने वाले रजिस्टर में काफी खामियां पाईं।
रजिस्टर प्रतिदिन चिकित्सालय समय के बाद बंद कर हस्ताक्षर करने चाहिए, लेकिन किसी भी तिथि को पंजिका में हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। तिथि पंजिका में रजिस्ट्रेशन नंबर में भी काफी कमियां पाई।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला को निर्देशित करते हुए कहा कि चिकित्सालय की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखें। किसी मरीज, तीमारदार को किसी चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी की कार्यशैली के कारण शिकायत का मौका न मिले, सभी चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें, उन्हें समय से स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाएं।