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दो इंस्पेक्टर को क्यों जारी गिरफ्तार करने के आदेश

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मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र के दो मुकदमों में छह साल से गवाही देने नहीं आ रहे पूर्व इंस्पेक्टर रामआश्रय यादव और एसआर गौतम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश स्पेशल जज डकैती रामकिशोर पांडेय ने दिए हैं। आदेश एसपी बांदा और एसएसपी मथुरा को दिए गए हैं। साथ ही गवाही न होने तक दोनों इंस्पेक्टर का वेतन रोकने का भी आदेश दिया है। नियत तिथि पर गवाही न होने पर उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना होने की भी चेतावनी दी गई है। मामले की सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की गई है।
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स्पेशल जज डकैती रामकिशोर पांडेय के न्यायालय में वर्ष 2013 से थाना घिरोर के दो मामले लंबित चल रहे हैं। इनमें एक मुकदमा अपहरण कर हत्या करके शव गायब कर देने और दूसरा मुकदमा जानलेवा हमला करने का है। इन मुकदमों में आरोपी कोर्ट में हाजिर हो रहे हैं। वर्ष 2013 से चल रहे इन मुकदमों को शीघ्र निस्तारित करने का निर्देश उच्च न्यायालय ने दिया है। स्पेशल जज डकैती के कई बार भेजे गए नोटिस और वारंट के बाद भी दोनों इंस्पेक्टर गवाही के लिए न्यायालय में नहीं आ रहे हैं।
सोमवार को दोनों मुकदमों की सुनवाई हुई। गवाही के लिए दोनों इंस्पेक्टर के न आने पर स्पेशल जज रामकिशोर पांडेय ने दोनों इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर एसपी बांदा और एसएसपी मथुरा को भेजे हैं। वारंट के साथ भेजे गए पत्र में कहा है कि गवाही न होने तक दोनों इंस्पेक्टर का वेतन रोका जाए। गवाही के लिए 30 नवंबर को दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए।
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बांदा और मथुरा में है तैनाती
थाना घिरोर में तैनात रहे इंस्पेक्टर एसआर गौतम वर्तमान में थाना हाईवे मथुरा में तैनात हैं। जबकि रामआश्रय यादव की तैनाती वर्तमान में कोतवाली बांदा में है। इसके चलते एसएसपी मथुरा और एसपी बांदा को वारंट भेजे गए हैं।
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