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महंगाई छू रही आसमान, होली पर कैसे बनें पकवान

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मैनपुरी। होली के त्योहार से पहले ही महंगाई आसमान छूने लगी है। वनस्पति और रिफाइंड के दाम बढ़ते जा रहे हैं। खुले बाजार में भी महंगाई का असर है। त्योहार से पहले बढ़े दामों से आम आदमी के बजट पर असर पड़ा है। ऐसे में होली पर घरों में कैसे पकवान बनें।
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होली के त्योहार से पहले ही वनस्पति, रिफाइंड और सरसों का तेल महंगा हो गया है। पांच दिन में ही अचानक बढ़े दामों से आम आदमी परेशान है। लोगों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। खाद्य पदार्थ महंगे होने का सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि जब थोक में माल महंगा मिल रहा है तो खुले बाजार में महंगा बेचना मजबूरी है।
बढ़े दामों पर एक नजर
माल 19 फरवरी 25 फरवरी छह मार्च
रिफाइंड 140 रुपये 160 रुपये 170 रुपये
वनस्पति 140 रुपये 160 रुपये 170 रुपये
सरसों का तेल 170 रुपये 175 रुपये 180 रुपये
मेवा भी हुई महंगी
मेवा पर भी महंगाई का असर पड़ा है। रवा तीस रुपये, मैदा 28 रुपये, चीनी 40 रुपये, गोले की गरी 230 रुपये, किशमिश 360 रुपये, चिरौंजी 1400 रुपये और मखाने 680 रुपये किलो में मिल रहे हैं।
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दो सप्ताह में ही वनस्पति घी के दाम कंपनियों ने बढ़ा दिए हैं। वनस्पति 30 रुपये महंगा हुआ है। कंपनियों से महंगा मिलने से खुले बाजार में वनस्पति महंगा बिक रहा है।
रजत गुप्ता, दुकानदार
वनस्पति घी महंगा होने का आम आदमी पर असर पड़ा है। वह त्योहर पर करने वाली खरीदारी में कटौती कर रहे हैं। महंगाई का दुकानों पर होने वाली बिक्री पर असर पड़ा है।
सोनू कश्यप, दुकानदार
होली के त्योहार पर बाजार में महंगाई का असर है। रोजाना कमाने खाने वाले के सामने परेशानी है। वनस्पति, रिफाइंड और सरसों का तेल का महंगा होने से बजट बिगड़ा है।
अबधेश कठेरिया, दरीबा
सरकार महंगाई नहीं रोक पा रही है। महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर ही पड़ा है। ऐसे में त्योहार पर खरीदारी करना मुश्किल भरा काम है। महंगाई रुकनी ही चाहिए।
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सुरजीत कुमार, देवपुरा
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