केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि खेती की एक सीमा है और उत्पादन की एक सीमा है। जींस पहनने वाली पीढ़ी अब हल नहीं चला रही। एमएसएमई की संभावना क्यों जरूरी है, इस ओर क्यों आना पड़ेगा? इसका कारण बताते हुए कहा कि अब जमीन भाइयों में बंटकर छोटी हो गई है। जमीन अब बढ़ नहीं सकती है। ऐसे में एमएसएमई का महत्व समझना होगा।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या ये है कि हमने सरकारी नौकरी को ही रोजगार मान लिया। बच्चे कभी एमएसएमई नहीं गए। इतनी योजनाएं है कि उनके नाम राजनेताओं को भी नहीं मालूम। उन्होंने कहा कि विदेशियों की किताबें क्यों पढ़ते हो। हमारे पास तो रियल हीरो हैं, जिनकी सफलता की कहानियां पढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई बड़ा परिवर्तन आ सकता है तो व्यापार से आ सकता है।
प्रो. बघेल ने कहा कि टीटीजेड सिर्फ आगरा के लिए है। एनजीटी ने नुकसान किया है, लेकिन हम पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगरा के कारोबारी सजग हैं, जो जन प्रतिनिधियों से अर्जी लगाते रहते हैं। उन्होंने आजादी के बाद हुए कुछ सबसे बड़े काम भी बताए। उन्होंने कहा कि घर में नल, नल में जल, आयुष्मान कार्ड, गैर-राजपत्रित नौकरियों में इंटरव्यू समाप्त करना सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।
काॅन्क्लेव को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि एमएसएमई से ही हमारा देश सोने की चिड़िया बन सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापार में हम हजारों साल टाॅप पर रहे। गांव-गांव में कुछ न कुछ बनता था। व्यापारी इनको इकट्ठा कर विदेश ले जाते थे। इसके बदले में सोना आता था।
विशिष्ट अतिथि कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ाने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि वह कभी खुद को कमजोर न समझें। कॅरियर के लिए बहुत सारी फील्ड हैं। वह किसी भी फील्ड को चुन सकते हैं।
'नाैकरी देने वाले बनें'
विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि अब देश बदल रहा है। वर्ष 2014 के बाद से देश में संपन्नता की स्थिति बनी है। देश और राज्य में कारोबार करने का माहाैल बना है। उन्होंने कहा कि अब छात्र अपने दिमाग में नाैकरी करने वाले नहीं, बल्कि एमएसएमई योजनाओं का लाभ उठाते हुए नाैकरी देने वाले बनें। ये लेकर लक्ष्य निर्धारित करते हुए आगे बढ़ें। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि जब एमएसएमई की स्थापना हुई, लेकिन उस वक्त काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद इस पर काम शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही विजन है कि एमएसएमई के जरिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा दे सकते हैं। आज देश में एमएसएमई की पहचान बन चुकी है।
'वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशसन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हम एक अलग तरीके से प्रमोट करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शादियों के लिए उत्तर प्रदेश अब उत्तम प्रदेश है, इस तरह प्रमोट करने का कई राज्यों में प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि हाल ही में राजस्थान, हिमाचल और कश्मीर में भी कुछ वेडिंग एक्सपो में उत्तर प्रदेश को लगातार डेस्टिनेशन वेडिंग का हब बनाने के लिए प्रमोट करने का प्रयास किया।
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