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MSME For Bharat: आगरा में उद्योगों के विकास और चुनौतियों पर हुआ मंथन, जानें किसने क्या कहा

Sat, 20 Sep 2025 02:32 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

MSME For Bharat Live News in Hindi: एमएसएमई कॉन्क्लेव का आगरा में आयोजन किया गया। आयोजन में मंत्री, अधिकारी और विशेषज्ञों ने उद्योगों की चुनौतियों व अवसरों पर मंथन किया। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य रोजगार सृजन और एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देना है।
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काॅन्क्लेव में विचार रखते वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशसन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अमर उजाला की ओर से एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव आगरा का आयोजन शनिवार को किया जा रहा है। इस मौके पर जिलेभर के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) से जुड़े उद्यमी जुटेंगे। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पाॅलीवाल कैंपस स्थित जुबली सभागार में सुबह 11 बजे से आयोजित होने वाले कॉन्क्लेव में उद्योग जगत की चुनौतियों और उसके बेहतर विकास पर मंथन होगा। एमएसएमई, केंद्र व राज्य वस्तु एवं सेवाकर, जिला व पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ ही उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी।
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अमर उजाला की ओर से एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव आगरा का आयोजन डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल कैंपस स्थित जुबली सभागार में किया गया है। काॅन्क्लेव में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मत्स्य एवं पशुपालन राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल उपस्थित हैं। वहीं विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, फुटवियर एवं चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर भी माैजूद हैं। काॅन्क्लेव में उद्योग जगत की चुनौतियों और उसके बेहतर विकास पर मंथन हो रहा है।


 

काॅन्क्लेव को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग  ने कहा कि एमएसएमई से ही हमारा देश सोने की चिड़िया बन सकता है। उन्होंने कहा कि हम हजारों साल टाॅप पर थे। गांव-गांव में कुछ न कुछ बनता था। व्यापारी इनका इकट्ठा कर विदेश ले जाते थे। इसके बदले में सोना आता था।
 

मुख्य अतिथि केंद्रीय मत्स्य एवं पशुपालन राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि नाै साल की उम्र में पहला पहला राजनीतिक भाषण चौधरी चरण सिंह का सुना था। देश की आत्मा गांव में रहती है। दूसरी पीड़ी में उनके बेटे को उद्योगपति बनाया गया। तीसरी पीड़ी वाला एमएसएमई मे मंत्री है। स्किल जरूरी है। पंजाब से आया हूं। हर दूसरा बच्चा कनाडा जाना चाहता है। उड़ता पंजाब फिल्म भी आई है।

हल नहीं चलाना चाहती जींस पहनने वाली पीढ़ी
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि खेती की एक सीमा है और उत्पादन की एक सीमा है। जींस पहनने वाली पीढ़ी अब हल नहीं चला रही। एमएसएमई की संभावना क्यों जरूरी है, इस ओर क्यों आना पड़ेगा? इसका कारण बताते हुए कहा कि अब जमीन भाइयों में बंटकर छोटी हो गई है। जमीन अब बढ़ नहीं सकती है। 

'सरकारी नाैकरी को ही रोजगार मान लिया'
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या ये है कि हमने सरकारी नौकरी को ही रोजगार मान लिया। बच्चे कभी एमएसएमई नहीं गए। इतनी योजनाएं है कि उनके नाम राजनेताओं को भी नहीं मालूम। उन्होंने कहा कि विदेशियों की किताबें क्यों पढ़ते हो। हमारे पास तो रियल हीरो हैं, जिनकी सफलता की कहानियां पढ़ सकते हैं।
 

केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि रिश्वतखोरी न हो तो सरकारी नौकरी वाले तो सिर्फ बिटिया की शादी कर पाएंगे। कोई बड़ा परिवर्तन आ सकता है तो व्यापार से आ सकता है।

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टीटीजेड सिर्फ आगरा के लिए, एनजीटी में कर रहे पैरवी
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि टीटीजेड सिर्फ आगरा के लिए है। एनजीटी ने नुकसान किया है, लेकिन पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगरा के कारोबारी सजग हैं, जो जन प्रतिनिधियों से अर्जी लगाते रहते हैं।
 

आजादी के बाद सबसे बड़े काम
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने आजादी के बाद हुए कुछ सबसे बड़े काम भी बताए। उन्होंने कहा कि घर में नल, नल में जल, आयुष्मान कार्ड, गैर-राजपत्रित नौकरियों में इंटरव्यू समाप्त करना सबसे बड़ी उपलब्धि मानता हूं।
 

'खुद को कमजोर न समझें युवा'
विशिष्ट अतिथि कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ाने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि वह कभी खुद को कमजोर न समझें। कॅरियर के लिए बहुत सारी फील्ड हैं। वह किसी भी फील्ड को चुन सकते हैं।

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'नाैकरी देने वाले बनें'
विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि अब देश बदल रहा है। वर्ष 2014 के बाद से देश में संपन्नता की स्थिति बनी है। देश और राज्य में कारोबार करने का माहाैल बना है। उन्होंने कहा कि अब छात्र अपने दिमाग में नाैकरी करने वाले नहीं, बल्कि एमएसएमई योजनाओं का लाभ उठाते हुए नाैकरी देने वाले बनें। ये लेकर लक्ष्य निर्धारित करते हुए आगे बढ़ें।
 

राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि एमएसएमई की स्थापना हुई, लेकिन उस वक्त काम नहीं हुआ। सही काम अगर शुरू हुआ तो वर्ष 2014 के बाद जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही विजन है कि एमएसएमई के जरिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा दे सकते हैं। आज देश में एमएसएमई की पहचान बन चुकी है। 

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'उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश के रूप में कर रहे प्रमोट'
वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशसन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने  कहा कि उत्तर प्रदेश को हम एक अलग तरीके से प्रमोट करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शादियों के लिए उत्तर प्रदेश अब उत्तम प्रदेश है, इस तरह प्रमोट करने का कई राज्यों में प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि हाल ही में राजस्थान, हिमाचल और कश्मीर में भी कुछ वेडिंग एक्सपो में उत्तर प्रदेश को लगातार डेस्टिनेशन वेडिंग का हब बनाने के लिए प्रमोट करने का प्रयास किया।

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एमएसएमई का दायरा बढ़े
द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि आगरा के साढ़े तीन लाख परिवार फुटवियर व्यापार से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस रूप में एमएसएमई को पहुंचना चाहिए, वह अब तक नहीं पहुंचा है। इसके पीछे कारणों के बारे में एमएसएमई को सोचना चाहिए। 
 

एसजीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर ग्रेड-1 पंकज गांधी ने बताया कि आने वाले समय में जीएसटी के कई बदलाव लागू होने वाले हैं। इसमें कई एमएसएमई के प्रोडक्ट भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि एमएसएमई इसी तरह से बढ़ेगा, क्योंकि वह रेवेन्यू से जुड़ा हुआ है। जितनी इंडस्ट्री बढ़ेगी, उतना ही रेवेन्य भी मिलेगा।

 
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काॅन्क्लेव में अतिथियों ने कहा कि योजनाएं बहुत हैं, जिनका कारोबारी लाभ उठा सकते हैं, लेकिन सभी योजनाएं एक ही जगह आकर ठहर जाती हैं और वह है टीटीजेड की पाबंदियां। समय रहते टीटीजेड का हटना जरूरी है। जिससे यहां की इंडस्ट्री को बचाया जा सके।

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