भारतीय नौसेना विशाखापट्टनम में तैनात खेरागढ़ का लाल हृदय गति रुकने से गुरुवार सुबह निधन हो गया। हरेश के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद अधिकारीयों ने पार्थिव शरीर को गांव भेजने से मना कर दिया है।
खेरागढ़ के लाल हरेश कुमार सिंह भारतीय नौसेना में विशाखापट्टनम में तैनात थे। हरेश के भाई विष्णु ने बताया कि वह अपनी दिनचर्या के अनुसार अपनी ड्यूटी करके तड़के सुबह साथियों के साथ दौड़ने के लिए वहां एक पहाड़ी पर निकल गए। दौड़ते दौड़ते अचानक ही वह गिर पड़े और उनका निधन हो गया। मृतक हरेश की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद नौसेना के अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को गांव भेजने से मना कर दिया है। वहीं परिजन अधिकारियों से पार्थिव शरीर को गांव भेजने की बात पर अड़े हुए हैं।
हरेश कुमार सिंह फरवरी 2019 में भारतीय नौसेना एसएसआर में भर्ती हुए थे जिसकी वर्तमान तैनाती विशाखापट्टनम में थी। हरेश वर्तमान में नौसेना कमांडो की ट्रेनिंग कर रहे थे। हरेश के पिता भोले सिंह एक अध्यापक हैं जो खेरागढ़ के निजी विद्यालय में भौतिक विज्ञान के छात्र छात्राओं को पढ़ाते हैं। हरेश की मां मीरा देवी ग्रहणी है। हरेश की तीन बहन और एक छोटा भाई है। हरेश की दो बड़ी बहन भारती और आरती को शादी हो चुकी है और छोटी बहन हर्षिता की इस साल ग्रेजुएशन समाप्त हुई है। हरेश का छोटा भाई विष्णु सिंह दयालबाग से मैकेनिकल में पॉलिटेक्निक डिप्लोमा किया है जो एक नौकरी की तलाश में है।
लोगों ने बताया कि हरेश की सगाई शादी की बाते चल रहीं थीं लड़की वाले संबंध की बातें करने के लिए घर पर आ जा रहे थे लेकिन हरेश के निधन की खबर सुनते ही परिवार खुशियां मातम में बदल गईं और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वन्हीं उपजिलाधिकारी अनुज नेहरा भी शहीद के घर पहुंच परिवार को ढांढस बंधाने लगी साथ ही सांसद राजकुमार चाहर,विधायक भगवान सिंह कुशवाह,निवर्तमान विधायक महेश गोयल, भाजपा नेता सुधीर गर्ग ने शहीद हरेश के निधन पर शोक जताया है।
मौके पर मौजूद एसडीएम अनुज नेहरा, सीओ महेश कुमार, तहसीलदार प्रदीप कुमार गांव में मौजूद हैं। प्रशासन हरेश के माता पिता को विशाखापत्तनम स्थित आर्मी हॉस्पिटल ले जाने के लिये मना रहा है। जवान के नजदीक मित्र सत्या ने बताया कि पहले तो मौत कारण हार्टअटैक बताया जा रहा था, फिर बताया गया कि मृतक जवान कोविड पॉजिटिव था। जवान का पार्थिव शरीर नहीं मिल रहा है
वहीं हरेश के पिता ने बताया कि हम विशाखापत्तनम नही जायेंगे। अगर पार्थिव शरीर गांव नही लाया गया तो हम चार (हरेश के माता−पिता, छोटा भाई व बहिन) जीते जी जान दे देंगे। खबर लिखे जाने तक सीओ और एसडीएम मृतक जवान के माता पिता को विशाखापत्तनम ले जाने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे। हरेश के मित्र ने बताया कि विशाखापत्तनम स्थित नौसेना शिविर से सुबह आठ बजे तक निर्णय होने की बात कही जा रही है।