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Indian Air Force: भारतीय वायुसेना ने हवा में गिराया 'अस्पताल', एक्स-रे से लेकर वेंटिलेटर भी... जानें खासियत

Tue, 14 May 2024 09:41 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

भीष्म पोर्टेबल अस्पताल 36 क्यूब्स में तैयार किया गया है। इसमें खून की जांच, ऑपरेशन थियेटर और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं भी हैं।
 
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IAF - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारतीय वायुसेना ने मलपुरा ड्राॅपिंग जोन में मंगलवार को पोर्टेबल अस्पताल भीष्म (भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित एंड मैत्री) को एक हजार फुट की ऊंचाई से जमीन पर उतारने का सफल परीक्षण किया। एएन-32 विमान से पैराशूट की मदद से 720 किलो वजन के पोर्टेबल अस्पताल भीष्म को उतारा गया। इस सफल परीक्षण के बाद भीष्म अस्पताल को किसी भी दुर्गम जगह पर या प्राकृतिक आपदा के दौरान विमान या हेलिकॉप्टर की मदद से उतारकर महज 8 मिनट में इलाज शुरू किया जा सकता है।
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मंगलवार सुबह भारतीय वायुसेना का विमान एएन-32 पैरा कमांडो की जगह भीष्म पोर्टेबल अस्पताल को लेकर मलपुरा ड्राॅपिंग जोन के ऊपर पहुंचा। पैराशूट की मदद से 720 किलो वजनी पोर्टेबल अस्पताल के क्यूब्स को जमीन पर उतारा गया। इसमें एडीआरडीई आगरा के डिजाइन किए गए पैराशूट की मदद ली गई। दो पैराशूट की मदद से यह विमान से बेहद आसानी से मलपुरा ड्रॉपिंग जोन पर उतर आया। प्रोजेक्ट भीष्म के तहत पूरी तरह से स्वदेशी पोर्टेबल अस्पताल को कहीं भी दुर्गम इलाके में उतारा जा सकता है। यह मजबूत, वाटरप्रूफ होने के साथ सोलर एनर्जी और बैटरी से चलता है।
 

ऑपरेशन थियेटर, वेंटिलेटर की सुविधा
भीष्म पोर्टेबल अस्पताल 36 क्यूब्स में तैयार किया गया है, जिसे बनाने में 1.50 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे एक्स-रे, खून की जांच, ऑपरेशन थियेटर, वेंटिलेटर की सुविधा के साथ महज 8 मिनट में शुरू किया जा सकता है। इसमें गोली लगने, जलन, सिर, रीढ़ की हड्डी और छाती की चोटें, फ्रैक्चर और प्रमुख रक्तस्राव सहित चोटों के इलाज की सुविधा रहेगी। इन सभी बॉक्स पर क्यूआर कोड लगाया गया है, जिस पर एक्सपाइरी डेट डाली गई है। आपदा के दौरान आम लोग भी इन बॉक्स को खोलकर जरूरी दवाएं और उपचार ले सकते हैं।

 
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36 बॉक्स से तैयार होगा अस्पताल
मलपुरा ड्रॉपिंग जोन में जिस क्यूब को उतारा गया, उसमें लोहे के तीन फ्रेम में 36 बॉक्स है, जिसमें अस्पताल का पूरा सामान है। तीनों फ्रेम के बीच छोटा जनरेटर है और दो स्ट्रेचर लगे हैं। यह ऑपरेशन थियेटर में बिस्तर का काम कर सकते हैं। मॉड्यूलर सेट अप के साथ इन बॉक्स में दवाएं, उपकरण, खाद्य सामग्री भी रहेगी। अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान ऐसे दो भीष्म पोर्टेबल अस्पताल बनाए गए थे।
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