ब्रिटेन से मुक्त व्यापार से आगरा का जूता और हस्तशिल्प चमकेगा। लेदर जूतों की सबसे ज्यादा ब्रिटेन में मांग रहती है। वहीं हस्तशिल्प में भी 30 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौता होने से आगरा का जूता और हस्तशिल्प निर्यात उछाल मार सकता है। आगरा से सबसे ज्यादा जूते का निर्यात ब्रिटेन को होता है, ऐसे में इसकी चमक ब्रिटेन में बढ़ जाएगी। निर्यातकों को 30 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन
मुगल काल से चमड़े के जूतों के लिए दुनिया भर में मशहूर आगरा के निर्यातकों ने मुक्त व्यापार समझौते का स्वागत किया है। लेदर फुटवियर के यूके में प्रवेश के समय 16 फीसदी तक टैरिफ लगता है। एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) होने से अब यह टैरिफ नहीं लगेगा।
इससे आगरा का जूता ब्रिटेन में सस्ता हो जाएगा। अपने प्रतिद्वंद्वी देशों से भारतीय निर्यातक मुकाबला कर सकेंगे। वहीं, इसका फायदा ब्रिटेन के खरीदारों को मिलेगा। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स और एक्सपोर्ट्स चेंबर के मुताबिक आगरा से ब्रिटेन को कुल निर्यात का 15 फीसदी जूता निर्यात है। एफटीए के कारण कई गुना तक यह बढ़ सकता है। इस तिमाही ही 30 फीसदी का उछाल निर्यात में हो सकता है।
विज्ञापन
हस्तशिल्प को मिल सकता है बूम
ताजमहल की पच्चीकारी दुनिया भर के सैलानियों को लुभाती है। ब्रिटेन के सैलानी आगरा के मार्बल पर की गई पच्चीकारी को पसंद करते हैं। एफटीए होने के बाद इसकी मांग बढ़नी तय है। इसके साथ ही जरी जरदोजी, दरी, कालीन, सॉफ्ट स्टोन की कार्विग की मांग बढ़ने के आसार हैं। करीब 150 करोड़ का निर्यात अकेले हस्तशिल्प में हो रहा है।
फुटवियर राजधानी बनने की ओर कदम
एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि ब्रिटेन से मुक्त व्यापार समझौता आगरा के निर्यात को बड़े पैमाने पर फायदा देगा। दुनिया की फुटवियर राजधानी बनने की दिशा में यह एक और कदम है।
असर अन्य देशों पर भी पड़ेगा
निर्यातक प्रदीप वासन का कहना है कि यूरोप के देशों में ब्रिटेन में आगरा के फुटवियर की अच्छी मांग है। मुक्त व्यापार समझौते के कारण अन्य देशों पर भी इसका असर पड़ेगा। आगरा की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत हो सकती है।
चमक जाएगी पच्चीकारी
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रह्लाद अग्रवाल ने बताया कि ताजमहल के समय शुरू हुई संगमरमर पर पच्चीकारी की कला धीमे-धीमे कम हो रही थी। मुक्त व्यापार समझौते से न केवल कला जीवित रहेगी बल्कि कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
नई ऊंचाई छूने का मौका मिलेगा
हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अस्थाना का कहना है कि अब तक हमारे बायर ब्रिटेन के टैक्स को खुद ही वहन करते थे, लेकिन इस करार के बाद उनकी जेब से बोझ कम हो जाएगा। वह ज्यादा ऑर्डर देंगे तो हस्तशिल्प उद्योग को नई ऊंचाई छूने का मौका मिलेगा।